क्या कर्नाटक में बदलेगी कांग्रेस की किस्मत? ‘DK दांव’ से सत्ता में वापसी का सपना फिर होगा पूरा?

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल के फॉर्मूले पर सहमति की चर्चा के

27 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Politics Desk:  कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल के फॉर्मूले पर सहमति की चर्चा के बीच अब फैसला सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर टिका है। कांग्रेस आलाकमान अगले कुछ दिनों में बड़ा कदम उठा सकता है।

2023 के चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे डीके शिवकुमार की बड़ी भूमिका रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी सिद्धारमैया को मिली। अब सरकार के ढाई साल पूरे होते ही नेतृत्व बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं।
2014 के बाद कांग्रेस का ट्रेंड
2014 के बाद से कांग्रेस के राज्यों में बार-बार एक ही ट्रेंड दिखा—जहां भी मुख्यमंत्री बने, वे दोबारा पार्टी को सत्ता में नहीं लौटा सके। दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, कर्नाटक, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सत्ता बचाने में कांग्रेस विफल रही।

नेतृत्व बदलने पर कांग्रेस रही कमजोर
कांग्रेस आमतौर पर मुख्यमंत्री नहीं बदलती, और जब बदला—जैसे पंजाब में—तो परिणाम उल्टा निकला। चरणजीत सिंह चन्नी को लाने का दांव भी पार्टी को भारी पड़ा।

कर्नाटक पर सबकी नजर
कर्नाटक में भी असमंजस बरकरार है। सिद्धारमैया को हटाकर शिवकुमार को मौका देने से कांग्रेस 2028 में लगातार दूसरी जीत का अपना दशक पुराना सपना पूरा कर सकती है या 2014 के बाद की परंपरा फिर दोहराई जाएगी—यही बड़ा सवाल है।