23 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: आज के समय में बच्चों के प्रति अपराधों के बढ़ते मामलों ने पैरेंट्स की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है, ऐसे में बच्चों को छोटी उम्र से ही जरूरी सेफ्टी रूल्स सिखाना बेहद ज़रूरी हो जाता है, ताकि वे किसी भी खराब स्थिति को समझदारी से संभाल सकें। पेरेंट्स को बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताना चाहिए, ताकि वह समझ सकें कि उनके शरीर के कुछ हिस्से निजी होते हैं और उन्हें कोई भी छूने का अधिकार नहीं है। इसी तरह बच्चों को यह भी समझाना जरूरी है कि दूसरों के खतरनाक चैलेंज में न फंसें, क्योंकि ऐसे चैलेंज उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। बच्चों को सिखाएं कि किसी भी तरह का सीक्रेट गेम, मिठाई या गिफ्ट देने की कोशिश करने वाले लोगों से दूरी बनाएं और तुरंत परिवार को बताएं, क्योंकि पेरेंट्स और बच्चों के बीच कोई राज नहीं होना चाहिए। डिजिटल दुनिया में बढ़ते अपराधों को देखते हुए बच्चों को फोन और इंटरनेट का सही इस्तेमाल सिखाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है—जैसे अनजान लोगों से बातचीत न करना, अपनी फोटो या पर्सनल डिटेल शेयर न करना और किसी संदिग्ध लिंक को न खोलना। घर के अंदर भी उन्हें सुरक्षा नियम समझाने चाहिए, जैसे अजनबियों के लिए दरवाजा न खोलना, असहज महसूस होने पर तुरंत पेरेंट्स को बताना और बिजली, गैस या नुकीली वस्तुओं से दूरी बनाकर रखना। इन पांच सेफ्टी आदतों को अपनाकर बच्चे मुश्किल परिस्थितियों में भी अधिक सतर्क, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बन सकते हैं।













