सर्दियों में हार्ट अटैक के केस क्यों बढ़ जाते हैं? डॉक्टर ने बताए 4 बड़े कारण

सर्दियों में हार्ट अटैक के केस क्यों बढ़ जाते हैं? डॉक्टर ने बताए 4 बड़े कारण

21 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  सर्दियों में हार्ट अटैक के केस क्यों बढ़ जाते हैं? डॉक्टर ने बताए 4 बड़े कारण                Winter Heart Attack Risk: तापमान गिरते ही हार्ट से जुड़े मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिलती है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन के अनुसार ठंड का असर दिल पर सीधा पड़ता है, जिससे पहले से हार्ट मरीज, बुजुर्ग, डायबिटिक और हाई बीपी वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए विंटर सीजन में दिल की सेहत पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

ठंड में हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण
सर्दियों में दिल से जुड़ी छोटी-छोटी संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है—
छाती में दर्द या भारीपन (कंधे, हाथ या पीठ तक फैल सकता है)

सांस फूलना
चक्कर आना या असामान्य थकान
ठंडे मौसम में बाहर जाते ही दर्द बढ़ना
जबड़े या गर्दन में दर्द
इन लक्षणों को कमजोरी या गैस समझकर टाल देना जोखिम को बढ़ा सकता है। समय पर इलाज से खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।

ठंड में हार्ट अटैक के 4 बड़े कारण
1. खून की नसों का सिकुड़ना
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि ठंड में रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा देती है।

2. ब्लड का गाढ़ा होना
ठंडी तापमान में शरीर का ब्लड थोड़ा गाढ़ा हो जाता है। इसकी वजह से ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ती है, जो हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।

3. ऑक्सीजन की कमी
सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए हार्ट अधिक मेहनत करता है। इससे ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है और कमजोर दिल वाले लोगों में खतरा ज्यादा हो जाता है।

4. अचानक भारी मेहनत या एक्सरसाइज
ठंड में बिना वॉर्म-अप के भारी काम या तेज एक्सरसाइज करना दिल पर तुरंत दबाव बढ़ा देता है। इससे दिल की धड़कन बिगड़ सकती है और हार्ट अटैक की स्थिति बन सकती है।

कैसे करें बचाव?
शरीर को गर्म रखें, अचानक ठंड में न जाएं
बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें
वॉर्म-अप के बिना भारी एक्सरसाइज न करें
धूम्रपान छोड़ें और हेल्दी डाइट लें
छाती में दर्द, सांस फूलने या अत्यधिक थकान पर तुरंत डॉक्टर से मिलें