मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी केवल सिख धर्म के ही नहीं बल्कि पूरे मानव समाज के अधिकारों के रक्षक थे, जिन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
सीएम सैनी ने बताया कि यह यात्रा गुरु जी के तप, त्याग और धर्म रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि शहीदी वर्ष के अवसर पर प्रदेशभर में चार नगर कीर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिनका समापन 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा।
25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले महासमागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का हरियाणा से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1665 में उन्होंने सिख पंथ का मुख्यालय धमतान (वर्तमान हरियाणा) में स्थापित किया था और प्रदेश के कई क्षेत्रों में जाकर धर्म का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में गुरु जी के नाम पर एक अनुसंधान पीठ स्थापित की गई है, जबकि यमुनानगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है।
इसी प्रकार पंचकूला से पोंटा साहिब तक की सड़क का नाम गुरु गोविंद सिंह जी के नाम पर रखा गया है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झिंडा के नेतृत्व में यह नगर कीर्तन यात्रा 11 से 14 नवंबर तक पंचकूला जिले के विभिन्न गांवों और गुरुद्वारों से होकर गुजरेगी और गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पंचकूला में इसका समापन होगा।
इस मौके पर सरदार जगदीश सिंह झिंडा, सरदार बलजीत सिंह दादूवाल, सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्तिरानी शर्मा, और कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।