12 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: सांसों पर संकट: 11 महीने बाद फिर ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा दिल्ली का AQI, केंद्र सरकार ने जारी किए कड़े दिशानिर्देश दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। 11 महीनों के बाद एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “गंभीर” श्रेणी में दर्ज किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी और सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को उच्च जोखिम समूह में रखते हुए सभी प्रदूषित जिलों के सरकारी अस्पतालों में ‘चेस्ट क्लिनिक’ स्थापित करने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने अस्पतालों को श्वसन और हृदय रोगों में संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि “वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। अब सभी विभागों को मिलकर एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।”
स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और निगरानी प्रणाली
मंत्रालय ने प्रदूषण से प्रभावित रोगियों की रिपोर्टिंग और प्रबंधन के लिए एक मानकीकृत फॉर्मेट भी साझा किया है। अस्पतालों को यह रिपोर्ट प्रतिदिन जिला स्तर पर भेजनी होगी, जिसके बाद इसे दिल्ली स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाना अनिवार्य होगा।
स्कूलों और निर्माण स्थलों पर सख्ती
केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की कक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएं। साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों जैसे पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, मजदूरों को मास्क और सुरक्षा किट उपलब्ध कराना तथा श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए।
राज्य टास्क फोर्स को सक्रिय करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से तत्काल अपने राज्य और जिला टास्क फोर्स को सक्रिय करने को कहा है ताकि पर्यावरण, परिवहन, शहरी विकास, महिला एवं बाल विकास और श्रम विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जा सके। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर में पहले से लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का असर
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण सिर्फ सांस की बीमारियों तक सीमित नहीं है — यह दिल, दिमाग और तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है। लोगों को सुबह और देर शाम बाहर घूमने, दौड़ने या व्यायाम करने से बचने की सलाह दी गई है, साथ ही इन समयों में घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने को कहा गया है।
कितना खतरनाक है “गंभीर” श्रेणी का AQI?
401 से 500 के बीच का AQI “गंभीर” श्रेणी में माना जाता है, जो स्वस्थ व्यक्तियों की सेहत पर भी असर डाल सकता है। पहले से बीमार लोगों में यह स्थिति गंभीर श्वसन और हृदय संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है।
प्रदूषित हवा से बढ़ती मौ/तें
‘स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में भारत में जहरीली हवा के कारण 20 लाख से अधिक मौतें दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण से कैंसर, अस्थमा, फेफड़ों की बीमारियों और प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
केंद्र ने नागरिकों से अपील की है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर भी सावधानी बरतें, जैसे मास्क पहनें, घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें और प्रदूषण के चरम समय में बाहरी गतिविधियों से बचें।
स्पष्ट है कि दिल्ली-एनसीआर में सांसें फिर से महंगी हो गई हैं — अब जरूरत है मिलकर हवा को साफ करने की।













