06 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पहाड़गंज इलाके में मानव तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। ‘से हेल्प’ वॉयस-एक्टिवेटेड इमरजेंसी ऐप से मिली जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गैलेक्सी स्पा को सील कर दिया और छह महिलाओं को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया। इस दौरान स्पा की रिसेप्शनिस्ट को गिरफ्तार किया गया। बरामदगी में 2,000 रुपए की चिह्नित मुद्रा और तीन निरोधक पैकेट शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, 30-31 अक्टूबर 2025 की मध्य रात्रि करीब 11:30 बजे ‘से हेल्प’ ऐप पर 32 वर्षीय व्यक्ति ने अलर्ट भेजा कि एक महिला को जबरन स्पा जैसी जगह पर ले जाया जा रहा है। ऐप ने वीडियो, ऑडियो, जीपीएस लोकेशन और लाइव ट्रैकिंग के जरिए रीयल-टाइम सूचना पुलिस तक पहुंचाई।
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के विशेष स्टाफ, मध्य जिला पुलिस और ऐप की टीम ने तुरंत सूचना की पुष्टि की। खुफिया जानकारी से पता चला कि डीबीजी रोड, नबी करीम स्थित टुडे होटल के पास गैलेक्सी स्पा में अवैध गतिविधियां चल रही थीं।
पुलिस ने रणनीतिक छापेमारी करते हुए एक अधिकारी को फर्जी ग्राहक बनाकर 2,000 रुपए के चिह्नित नोट दिए। शाम 7:25 बजे फर्जी ग्राहक ने अवैध गतिविधियों की पुष्टि की। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने स्पा पर छापा मारा। अंदर छह महिलाएं और एक रिसेप्शनिस्ट अवैध काम में लिप्त पाए गए।
पूछताछ में रिसेप्शनिस्ट ‘के’ (36 वर्ष, पहाड़गंज निवासी) ने कबूल किया कि वह अपने पति के साथ मिलकर यह अवैध धंधा चला रही थी। महिलाओं को नौकरी का लालच देकर लाया जाता और फिर जबरन वेश्यावृत्ति में धकेला जाता था। बचाई गई महिलाएं ज्यादातर दूसरे राज्यों की थीं और आर्थिक तंगी का शिकार थीं।
मुक्त कराई गई महिलाओं को मेडिकल जांच के बाद काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए एनजीओ को सौंपा गया। 31 अक्टूबर को थाना नबी करीम में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, 1956 की धारा 3/4/5 के तहत प्राथमिकी संख्या 0450/2025 दर्ज की गई।
‘से हेल्प’ ऐप एंड्रॉइड और आईओएस पर उपलब्ध है। यह वॉयस कमांड या पुश बटन से अलर्ट भेजता है, जो एसएमएस/व्हाट्सएप के जरिए पुलिस और संपर्कों तक पहुंचता है। ऐप में लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग, मैप ट्रैकिंग और हेल्थ चेक-अप जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं।











