06 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: पंजाब में मिड-डे मील योजना में बड़े सुधार: पोषण, रोजगार और बच्चों का भविष्य मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मिड-डे मील योजना में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। सितंबर 2023 से यूकेजी (अपर किंडरगार्टन) के लगभग 1.95 लाख बच्चों को योजना में शामिल किया गया, ताकि प्रारंभिक बचपन में पोषण और संज्ञानात्मक विकास सुनिश्चित किया जा सके। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है।
मान सरकार ने पोषण गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया है। जनवरी 2024 से छात्रों को सप्ताह में एक बार मौसमी फल मिलने लगे हैं, जैसे केले, कीनू और गाजर। नवंबर 2025 में पोषण विशेषज्ञों द्वारा तैयार नया साप्ताहिक मेन्यू लागू किया गया, जो बच्चों को प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करता है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री भगवंत मान नाश्ता योजना लागू करने की तैयारी में हैं, जो सुबह बच्चों को पौष्टिक नाश्ता प्रदान करेगी और मिड-डे मील को पूरक करेगी। इस पहल से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य में लगभग 42,000 महिलाएं मिड-डे मील रसोइयों के रूप में काम कर रही हैं, जो न केवल आय का स्रोत हैं बल्कि सामाजिक सम्मान और समुदाय में महत्व भी देती हैं। इन महिलाओं में से कई विधवा या एकल माता-पिता हैं। उनके योगदान से लगभग 17 लाख बच्चे रोजाना पौष्टिक भोजन प्राप्त करते हैं। हरजीत कौर जैसी रसोइयां स्कूलों में “स्कूल माँ” के रूप में बच्चों के जीवन में स्थायी प्रभाव छोड़ रही हैं।
मान सरकार ने रसोइयों के लिए बेहतर वेतन, समय पर भुगतान और बीमा सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा दिया है, ताकि यह रोजगार सम्मानजनक और टिकाऊ बन सके।
इन सुधारों के माध्यम से मिड-डे मील योजना पंजाब में न केवल बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बना रही है, बल्कि हाशिए की महिलाओं के लिए रोजगार और सशक्तिकरण का भी अवसर प्रदान कर रही है। यह योजना साबित करती है कि सही नीति और मानवीय दृष्टिकोण से सामाजिक कल्याण कार्यक्रम परिवर्तनकारी प्रभाव डाल सकते हैं।













