चंडीगढ़: 60 हजार हाउसिंग बोर्ड मकानों पर वैलेशन नोटिस, प्रशासन ठोस नीति बनाने में फेल

चंडीगढ़: हाउसिंग बोर्ड के 60 हजार मकानों पर वॉयलेशन नोटिस, प्रशासन ठोस नीति बनाने में फेल                                                                                                                            चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड की 66 हजार संपत्तियों में से लगभग 60

06 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Chandigarh Desk: चंडीगढ़: हाउसिंग बोर्ड के 60 हजार मकानों पर वॉयलेशन नोटिस, प्रशासन ठोस नीति बनाने में फेल                                                                                                                            चंडीगढ़ में हाउसिंग बोर्ड की 66 हजार संपत्तियों में से लगभग 60 हजार मकानों पर बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज के नोटिस जारी हैं। केवल 10 फीसदी मकान ही ऐसे हैं, जो नियमों के दायरे में आते हैं। पिछले 25 साल से ये मामले शहर में चले आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस नीति बनाने में असफल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।

वन टाइम सेटलमेंट से मिल सकती है राहत
क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पूरी ने कहा कि प्रशासन को वॉयलेशन और मिसयूज के नोटिसों को हल करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट फीस पर आधारित नीति लानी चाहिए। इससे छोटे-मोटे बदलाव किए गए मकानों को नियमित किया जा सकता है और जनता को राहत मिलेगी।

इंडस्ट्री और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी भी प्रभावित
सिर्फ आवासीय मकान ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिक भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। कई उद्योग मोहाली और पंचकूला में शिफ्ट हो रहे हैं, जबकि शहर में कई कॉमर्शियल प्रॉपर्टी खंडहर में बदल चुकी हैं। मध्यमार्ग के सेक्टर-7, 8, 9 और 26 में कई प्रॉपर्टी पर एस्टेट ऑफिस ने 1 से 1.5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया है।

कॉलोनाइजर और बिल्डर भी मुद्दों को बढ़ा रहे हैं
चंडीगढ़ के आसपास के एरिया में कॉलोनाइजर और डेवलपर्स की गतिविधियों के कारण शहर की कई पॉलिसियों पर असर पड़ा है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रधान विक्रम चोपड़ा ने कहा कि प्रशासन को पहले वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लागू करनी चाहिए और अज्ञात शिकायतों की वेरिफिकेशन के बाद ही नोटिस जारी करने चाहिए। यह स्थिति शहर में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त और आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।