05 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: How High Blood Pressure Damages Kidneys: हाई बीपी कैसे धीरे-धीरे किडनी को कमजोर करता है, जानें इसके पीछे का विज्ञान हमारे देश में बड़ी संख्या में लोग किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके पीछे गलत खानपान, अनियमित दिनचर्या और तनाव जैसे कई कारण हैं, लेकिन इनमें से एक मुख्य कारण हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) भी है। यह ऐसी समस्या है, जो अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती है, इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है।
किडनी पर हाई बीपी का असर
किडनी हमारे शरीर का प्राकृतिक फिल्टर है, जो खून को साफ करने के साथ शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और विषाक्त तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालती है। यह कार्य किडनी में मौजूद नेफ्रॉन्स नामक सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं के माध्यम से होता है।
जब लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर बना रहता है, तो ये रक्त वाहिकाएं लगातार दबाव में रहती हैं। धीरे-धीरे ये सख्त, संकुचित और कमजोर होने लगती हैं, जिससे किडनी को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
कैसे होता है नुकसान
रक्त वाहिकाओं का संकुचन:
हाई बीपी के कारण किडनी की बारीक रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है।
फिल्ट्रेशन प्रक्रिया पर असर:
जब किडनी को पर्याप्त रक्त नहीं मिलता, तो वह खून को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती।
विषाक्त पदार्थों का जमाव:
समय के साथ शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जो धीरे-धीरे किडनी फेलियर की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
नतीजा
लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर किडनी की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इसलिए जरूरी है कि हाई बीपी को समय पर कंट्रोल किया जाए, हेल्दी डाइट अपनाई जाए और नियमित जांच करवाई जाए, ताकि किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सके।