29 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: यमुनानगर के बाडी माजरा में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। पश्चिमी यमुना नदी पर करीब 100 साल पुराना पुल अचानक टूटकर नहर में गिर गया। सौभाग्य से उस समय पुल पर कोई वाहन या व्यक्ति मौजूद नहीं था। जानकारी के मुताबिक, सिंचाई विभाग ने इस पुल को तीन साल पहले ही ‘कंडम’ घोषित कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद लोगों की आवाजाही जारी थी।
छठ पर्व के मौके पर सोमवार और मंगलवार को हजारों श्रद्धालु इसी पुल से होकर गुजरे थे। मेयर सुमन बहमनी, मंडल अध्यक्ष शुभम राणा और अन्य अधिकारी भी हाल ही में इस पुल से निकले थे। गनीमत रही कि पुल भीड़भाड़ के दौरान नहीं टूटा। विभाग ने मंगलवार दोपहर पुल के दोनों सिरों पर मिट्टी डालकर रास्ता बंद किया, लेकिन चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, इस पुल को नए पुल के निर्माण (8 करोड़ रुपये की लागत से) के बाद अनुपयोगी घोषित किया गया था। बाडी माजरा, तीर्थ नगर, पांसरा, ताजकपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोग इस पुल का उपयोग करते थे। शाम करीब सवा 4 बजे पुल का बीच का हिस्सा तेज धमाके के साथ नहर में गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस वक्त पुल खाली था।
गोताखोर राजीव, जो तीर्थ नगर के रहने वाले हैं, ने बताया कि नहर के पुनर्निर्माण कार्य के दौरान पुल की स्लैब में दरारें आ गई थीं। उन्होंने सुबह ही इसकी सूचना पुलिस को दी थी। शाम को पुल के बीच का हिस्सा अचानक धंस गया, जिसकी आवाज बम धमाके जैसी थी।
सिंचाई विभाग के एसई आरएस मित्तल ने कहा कि पुल पहले से ही कंडम घोषित था और सुबह से ही रास्ता बंद कर दिया गया था। हमारा इरादा जल्द ही पुराने पुल को तोड़ने का था। अब वहां नया पुल बनकर तैयार है और पुराने पुल का उपयोग नहीं किया जा रहा था।













