विधायक ब्रम शंकर जिम्पा ने टैगोर नगर में 35 लाख रुपए लागत के नए ट्यूबवेल कार्य का शुभारंभ किया

जयपुर SMS अस्पताल में ICU में आग: 6 मरीजों की मौत, कई की हालत गंभीर राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में रविवार रात एक भयानक हादसा हुआ। ट्रॉमा सेंटर के ICU वार्ड में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं के कारण ICU में भर्ती कई गंभीर मरीजों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। हादसे में 6 मरीजों की मौत हुई, जबकि करीब 5 मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। घटना का विवरण SMS अस्पताल ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ के अनुसार, आग ICU की दूसरी मंजिल में लगी। इस मंजिल पर दो ICU वार्ड हैं – सेमी ICU और ट्रॉमा ICU, जिसमें कुल 24 मरीज थे। आग लगने के समय अधिकांश मरीज बेसुध और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लगी और मेडिकल उपकरणों से जहरीली गैसें फैल गईं। डॉ. धाकड़ ने बताया कि मरीजों को उनके सपोर्ट सिस्टम के साथ सुरक्षित निचली मंजिल के ICU में शिफ्ट किया गया। लेकिन गंभीर हालत के 6 मरीजों को बचाया नहीं जा सका। वहीं अन्य 5 मरीजों का इलाज जारी है। परिजनों के आरोप हादसे पर मृतक परिजनों ने स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ICU में आग लगने पर स्टाफ ने देर से मदद की, जिससे मौतें हुईं। अस्पताल के आपातकालीन प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी ने कहा कि डॉक्टर, नर्स और वार्ड स्टाफ ने सभी मरीजों को ICU से बाहर निकालने का प्रयास किया। सरकारी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राजस्थान DGP राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि FSL और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर घटना की गहन जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने प्राथमिक जानकारी में आग के कारण को शॉर्ट सर्किट बताया, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रधानमंत्री ने जताया दुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SMS अस्पताल में आग और मरीजों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पिछला हादसा बता दें कि SMS अस्पताल में इससे पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे अस्पताल सुरक्षा उपायों पर सवाल उठ रहे हैं।
RECORDER - 1

06 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  जयपुर SMS अस्पताल में ICU में आग: 6 मरीजों की मौ/त, कई की हालत गंभीर      राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में रविवार रात एक भयानक हादसा हुआ। ट्रॉमा सेंटर के ICU वार्ड में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं के कारण ICU में भर्ती कई गंभीर मरीजों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया। हादसे में 6 मरीजों की मौत हुई, जबकि करीब 5 मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

 

घटना का विवरण

SMS अस्पताल ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ के अनुसार, आग ICU की दूसरी मंजिल में लगी। इस मंजिल पर दो ICU वार्ड हैं – सेमी ICU और ट्रॉमा ICU, जिसमें कुल 24 मरीज थे। आग लगने के समय अधिकांश मरीज बेसुध और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लगी और मेडिकल उपकरणों से जहरीली गैसें फैल गईं।

डॉ. धाकड़ ने बताया कि मरीजों को उनके सपोर्ट सिस्टम के साथ सुरक्षित निचली मंजिल के ICU में शिफ्ट किया गया। लेकिन गंभीर हालत के 6 मरीजों को बचाया नहीं जा सका। वहीं अन्य 5 मरीजों का इलाज जारी है।

परिजनों के आरोप

हादसे पर मृतक परिजनों ने स्टाफ की लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ICU में आग लगने पर स्टाफ ने देर से मदद की, जिससे मौतें हुईं। अस्पताल के आपातकालीन प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी ने कहा कि डॉक्टर, नर्स और वार्ड स्टाफ ने सभी मरीजों को ICU से बाहर निकालने का प्रयास किया।

सरकारी प्रतिक्रिया

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताया और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

  • राजस्थान DGP राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि FSL और अग्निशमन विभाग के साथ मिलकर घटना की गहन जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

  • जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने प्राथमिक जानकारी में आग के कारण को शॉर्ट सर्किट बताया, लेकिन अंतिम रिपोर्ट जांच के बाद ही सामने आएगी।

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SMS अस्पताल में आग और मरीजों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

पिछला हादसा

बता दें कि SMS अस्पताल में इससे पहले भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे अस्पताल सुरक्षा उपायों पर सवाल उठ रहे हैं।