दफ्तर जिला लोक संपर्क अधिकारी, बटाला
बटाला, 29 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: रावी नदी के पार और नजदीकी गाँवों – घनीये के बेत, गुरचक्क, लखोवाल और मनसूर आदि – के किसानों की समस्याओं को जानने के लिए गुरदासपुर कृषि विभाग की टीम ने विशेष शिविर लगाया। इस मौके पर तहसीलदार लक्ष्मण सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह, ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह संधू, सतविंदरजीत सिंह, सुखदियल सिंह (कृषि विस्तार अधिकारी), पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह और हर्कंवल सिंह रंधावा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि 26 अगस्त को आई बाढ़ ने इन गाँवों की फ़सलों को बहुत नुकसान पहुँचाया है। झोने, बासमती, मक्का और कमाद जैसी फ़सलों को बर्बादी का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा सड़कों, पशुओं और घरों को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन खेतों से पानी निकल गया है, वहां भी मंझरों में फोके दानों की मात्रा अधिक रह जाने और दानों के खराब होने के कारण पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरसों की खेती करने वाले इच्छुक किसानों को विभाग की ओर से बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि बाढ़ आने से कुछ दिन पहले क्षेत्र का दौरा किया गया था और झोने की फ़सल बहुत अच्छी थी, लेकिन अब पूरी फ़सल बर्बाद हो गई है।
पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह ने गाँव की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह गाँव रावी नदी के पार पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल पास स्थित है। उन्होंने कहा कि गाँव घनीये के बेत में बाढ़ का पानी कम होने के बाद झोने की फ़सल बर्बाद हो गई है। अगर कोई फ़सल हरी दिखती भी है तो मंझरों में फोके अधिक और दाने खराब हो गए हैं। इस क्षेत्र में लगभग 2000 हेक्टेयर में झोने, बासमती और अन्य फ़सलों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा जंगली जानवरों और पक्षियों से भी भारी नुकसान हुआ है। सड़कों के टूटने और पेड़ों के उखड़ जाने की भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि आज शिविर का उद्देश्य यह था कि बर्बाद हुई फ़सलों की देखभाल के साथ-साथ खेतों की तैयारी कैसे की जाए ताकि समय पर गेहूँ की बुआई की जा सके। उन्होंने किसानों को हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिलाया।













