अश्रम कां*ड के आरोपी बाबा ने होटल कर्मचारियों को दी थी विवादित हिदायत: ‘जो न*हाया हो वो ही कमरे में आए

जो नहाया हो वो ही कमरे में आए..', आश्रम कांड के आरोपी बाबा ने होटल के कर्मचारियों को दी थी ये हिदायत

 29 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: -+ स्वामी पार्थ सारथी को पुलिस ने होटल द फर्स्ट से गिरफ्तार कर लिया। होटल में कमरे में प्रवेश करते ही आरोपी ने कर्मचारियों को कहा कि “जो नहाया हो वही कमरे में आए, और कमरे में चप्पल उतारकर आए।” इस वजह से कोई भी कर्मचारी उसके कमरे में नहीं गया।

होटल में ठहरने और व्यवहार
आरोपी होटल में 27 सितंबर को शाम करीब 4 बजे पहुंचे और कमरे में पूरी रात रहे। वह लगातार अपने टैक्सी चालक से संपर्क में थे। रात 8 बजे उसने फलाहार मंगाया, जिसमें आलू और कुट्टू की पूड़ी शामिल थी। भुगतान नहीं होने पर कर्मचारियों ने पुलिस से संपर्क किया।
चैतन्यानंद सरस्वती ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दिल्ली से भागने के दौरान कथित रूप से 50 लाख रुपये से अधिक निकाले, और खाता खुलवाते समय अलग-अलग दस्तावेज जमा कराए थे।

आरोपी की स्वास्थ्य और वकीली दलील
आरोपी मधुमेह का मरीज है और बैचेनी की समस्या होने का हवाला देते हुए पुलिस हिरासत में होने पर आपत्ति जताई। वकील ने कहा कि आरोपी का भिक्षु वस्त्र छीन लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

पुलिस जांच और डिजिटल साक्ष्य
पीड़ितों के वकील ने बताया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और उसने आईपैड व आईक्लाउड पासवर्ड साझा नहीं किए। इससे छेड़छाड़ का खतरा बढ़ गया है।

आरोपी की शैक्षिक और पेशेवर दावा
चैतन्यानंद 62 वर्ष के हैं। उन्होंने खुद को एमबीए और पीएचडी शिकागो यूनिवर्सिटी से पढ़ा हुआ बताया। उनका दावा है कि उन्होंने 28 किताबें और 143 रिसर्च पेपर लिखे हैं। उन्होंने खुद को फिलॉसफर, राइटर और प्रोफेसर बताया।

उनकी किताब ‘फॉरगेट क्लासरूम लर्निंग’ में एपल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की प्रस्तावना है और यह भी दावा किया गया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनके कार्यों का उल्लेख किया।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
दिल्ली पुलिस की टीम ने आगरा के होटल में करीब 11 घंटे बाद पहुंचकर कमरा नंबर 101 में जाकर 15 मिनट की पूछताछ के बाद चैतन्यानंद को गिरफ्तार किया और दिल्ली ले गई।