अमरगढ़ में किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति किया गया जागरूक

अमरगढ़ में किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति किया गया जागरूक

26 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

पिंड साला, बदला, मुलाबधा, सलेमपुर और खेड़ी सोढ़ियों में अभियान                                                    सुरक्षित वातावरण ही हमारी धरोहर – किसानों से सक्रिय भागीदारी की अपील                                         

Punjab Desk: पराली प्रबंधन संबंधी चल रही व्यापक जागरूकता मुहिम के तहत एस.डी.एम. अमरगढ़ सुरिंदर कौर के नेतृत्व में “टीम अमरगढ़” ने पिंड साला, बदला, मुलाबधा, सलेमपुर और खेड़ी सोढ़ियों के किसानों के साथ संपर्क किया। इस अवसर पर किसानों को यह संदेश दिया गया कि पराली को आग लगाकर न जलाया जाए, बल्कि इसका सही प्रबंधन करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मौके पर विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के अलावा तहसीलदार लवप्रीत सिंह और धर्म सिंह भी मौजूद थे।

एस.डी.एम. का संदेश

एस.डी.एम. ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिर्के के निर्देशों के अनुसार सब-डिविजन के हर गांव में अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसानों को आग लगाने से होने वाले पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के प्रति सचेत किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण हमारी धरती की असली धरोहर है और इसकी रक्षा में हर किसान की भागीदारी अनिवार्य है।

किसानों को जागरूक किया गया

टीम अमरगढ़ ने किसानों को बताया कि आग लगाने से न केवल वायु प्रदूषण होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता, पानी और पौधों की स्वास्थ्य भी प्रभावित होती है। यह सामान्य लोगों और पशु-पक्षियों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर डालता है। किसानों से अपील की गई कि वे पराली को जलाने के बजाय जमीन में मिलाकर खेतों की उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं।

प्रशासन की सहायता

एस.डी.एम. ने बताया कि जिला प्रशासन ने किसानों की मदद के लिए पर्याप्त मशीनरी और सब्सिडी उपलब्ध कराई है। सहकारी समितियों के माध्यम से सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर किसान को समय पर मशीनें मिल सकें। उन्होंने टीम अमरगढ़ के सदस्यों को निर्देश दिए कि वे गांव स्तर पर अधिक से अधिक किसानों से संपर्क करके उन्हें प्रेरित करें।

स्थानीय नेताओं का सहयोग

इस अवसर पर गांवों के पंच-सरपंच, नंबरदार और अग्रणी किसान भी पराली न जलाने और जागरूकता फैलाने में योगदान देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि केवल मिलीजुली कोशिशों से ही इस मुहिम को एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।