19 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Rashifal Desk: आज का पंचांग (19 सितंबर 2025): पितृपक्ष त्रयोदशी श्राद्ध और शुक्र प्रदोष व्रत आज शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन पितृपक्ष का त्रयोदशी श्राद्ध और शुक्र प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। त्रयोदशी तिथि का समापन रात 11:36 बजे होगा।
🔹 सूर्योदय – सुबह 6:08 बजे
🔹 सूर्यास्त – शाम 6:21 बजे
🔹 चंद्रोदय – प्रातः 4:33 बजे
🔹 चंद्रास्त – शाम 5:05 बजे
🔹 चंद्र राशि – कर्क
🔹 नक्षत्र – आश्लेषा (सुबह 7:05 बजे तक)
शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: 11:50 से 12:39 दोपहर
अमृत काल: 5:35 से 7:15 सुबह
अशुभ समय
राहुकाल: 10:43 से 12:15 दोपहर
गुलिक काल: 7:40 से 9:11 सुबह
यमगण्ड: 3:18 से 4:50 शाम
शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व व विधि
शुक्रवार को आने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष कहा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। भक्तजन दिनभर उपवास रखते हैं और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का डेढ़ घंटा) में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल अर्पित करते हैं।
मान्यता है कि इस व्रत से दांपत्य जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है, अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है।













