देर रात से तड़के तक आपदा का कहर, संभलने का नहीं मौका

उत्तराखंड में रात और तड़के आपदाओं का कहर, सैकड़ों जानें गईं

19 सितंबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

National  Desk:  उत्तराखंड में रात और तड़के आपदाओं का कहर, सैकड़ों जानें गईं                              उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। प्रदेश में ज्यादातर हादसे देर रात या तड़के के समय हो रहे हैं, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल पाता।

6 अगस्त को पौड़ी जिले में सुबह 5 बजे आपदा आई, जिसमें जानमाल का भारी नुकसान हुआ। इसके बाद 24 अगस्त को थराली में रात 1 बजे बादल फटने से भारी तबाही हुई। 15 सितंबर की रात 1:30 बजे देहरादून में अतिवृष्टि शुरू हुई, जो सुबह तक जारी रही। इस आपदा में अब तक 26 लोगों की मौ*त और 13 लोग लापता हो चुके हैं। इसके तीन दिन बाद ही 18 सितंबर को चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में रात करीब 2 बजे बादल फट गया।

अब तक प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के चलते 100 से अधिक लोगों की मौ*त हो चुकी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार देर रात और तड़के का समय अतिवृष्टि के लिए सबसे अनुकूल होता है। विक्रम सिंह बताते हैं कि रात को अधिक कूलिंग और लो प्रेशर की स्थिति में बारिश की तीव्रता बढ़ जाती है। सीएस तोमर के मुताबिक, रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ऐसे हादसों की संभावना ज्यादा रहती है।