कार्यालय जिला जनसंपर्क अधिकारी, फरीदकोट
फरीदकोट, 10 सितम्बर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Punjab Desk: जिला कार्यक्रम अधिकारी रतनदीप संधू के दिशा-निर्देशों के तहत, जिला बाल सुरक्षा यूनिट फरीदकोट द्वारा जिला बाल सुरक्षा अधिकारी अमनदीप सिंह सोढ़ी की अगुवाई में कोटकपूरा के स्लम एरिया में रेलवे पुलिस बल कोटकपूरा के सहयोग से जागरूकता कैंप आयोजित किया गया।
इस दौरान प्रोटेक्शन ऑफिसर (आई.सी.) सुखमंदर सिंह ने लोगों को प्रोजेक्ट जीवनजोत–2 अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने बच्चों से भीख मंगवाने और भीख मांगने की बढ़ती समस्या को रोकने के लिए इस अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भीख मांगना और बच्चों से भीख मंगवाना एक कानूनी अपराध है।
साथ ही, विभाग द्वारा बच्चों की भलाई के लिए स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिन बच्चों की माताएं विधवा/तलाकशुदा हैं, या जिन्हें परिवार ने त्याग दिया है, अनाथ बच्चे जो अन्य परिवारों के साथ रह रहे हैं, जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या शारीरिक और आर्थिक रूप से बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं, ऐसे परिवार इस योजना के पात्र हैं। इन परिवारों की वार्षिक आय शहरी क्षेत्र के लिए 96,000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 72,000 रुपये से कम होनी चाहिए। योग्य परिवारों के बच्चों को प्रति माह 4,000 रुपये की स्पॉन्सरशिप दी जाती है।
इस दौरान बाल विवाह और बाल मजदूरी के बारे में भी जागरूक किया गया। बताया गया कि बाल विवाह एक गैर-जमानती अपराध है। लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की से विवाह करने पर 2 साल की कठोर सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। इस कानून के तहत नाबालिग विवाह का प्रचार करने वालों और विवाह में शामिल होने वालों को भी दंडित किया जा सकता है।
लोगों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें ताकि वे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन सकें और अपना भविष्य संवार सकें।
इस मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (आर.पी.एफ.) के सब-इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार ने लोगों को समझाया कि रेलवे लाइनों के पास रहने वाले बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें क्योंकि वे अकसर पटरी के आसपास खेलते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा रहता है। इसके चलते कोटकपूरा रेलवे स्टेशन पर बच्चों से भीख मंगवाने पर रोक लगाने के लिए चेकिंग भी की गई।
इस अवसर पर जिला बाल सुरक्षा यूनिट से डाटा एंट्री ऑपरेटर जशनदीप सिंह, जी.आर.पी. से ए.एस.आई. रणधीर सिंह और अन्य स्टाफ मौजूद थे।













