29 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हुए भीषण भूस्खलन में अब तक 34 श्रद्धालुओं की मौ*त हो चुकी है। इनमें से 15 श*वों को परिजनों को सौंपकर उनके गंतव्य के लिए भेजा जा चुका है, जबकि 19 श*व अब भी जीएमसी जम्मू के श*वगृह में रखे हुए हैं और अपनों के आने का इंतजार कर रहे हैं। हादसे में कई श*व क्षतिग्रस्त हालत में मिलने से परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।
इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मृतकों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ से आए महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। गुरुवार को राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र और पंजाब से पहुंचे परिवारजन अपने प्रियजनों के शव लेकर लौटे। शुक्रवार को बाकी शव परिजनों के आने के बाद सौंपे जाएंगे। अभी भी आठ श*वों की पहचान नहीं हो सकी है।
इस बीच परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि श*वों से सोने के गहने और अन्य सामान गायब हैं। तीमारदारों का कहना है कि कई मृ*तक महिलाएं जेवर पहने हुए थीं, लेकिन श*व मिलने पर गहने नहीं मिले। केवल कपड़े और कुछ सामान ही बरामद हुआ है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना को भी इस बारे में जानकारी दी गई, जिन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद और चिंताजनक है।
परिजनों ने श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी, फिर भी यात्रा जारी रखी गई, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।
अब तक घर भेजे गए मृ*तकों में शामिल हैं:
राजजी (पंजाब), नीरा वर्मा (उत्तर प्रदेश), चांदनी कश्यप (उत्तर प्रदेश), अरविंद सोनी (राजस्थान), गजानंद सोनी (राजस्थान), तनेश्वर कुमार (चंडीगढ़), अरिकेत संतोष कनोजिया (महाराष्ट्र), संदीप सोनी (राजस्थान), रामशरण (पंजाब), ममता (पंजाब), कार्तिकेय (उत्तर प्रदेश), रत्नि बाई गुर्जर (मध्यप्रदेश), सलोनी (महाराष्ट्र), फकीरचंद गुर्जर (मध्यप्रदेश), अनिल सोनी (राजस्थान)।
पहचान और पोस्टमार्टम के इंतजार में श*व:
दिल्ली की पिंकी और तानिया, राजस्थान की भावना, पंजाब की सुनीता व मनप्रीत, यूपी की सुनीता, दिल्ली के अजय व राजा, हरियाणा के रामपाल, झारखंड के पुष्कर राय समेत कई अज्ञात शव (महिलाएं, पुरुष और बच्चे)।
परिजन इस त्रासदी को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं कर पा रहे। उनका कहना है कि वे माता रानी का आशीर्वाद लेने आए थे, लेकिन रास्ते में ही मौत ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया।