29 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: कमर और पीठ दर्द आजकल युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक लगभग हर किसी में आम समस्या बन चुका है। अक्सर लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन कई बार इसकी असली वजह स्लिप डिस्क (हर्निएटेड डिस्क) जैसी गंभीर स्थिति भी हो सकती है। यह समस्या तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद नरम डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है और नसों पर दबाव डालने लगती है। इसके कारण कमर से लेकर पैरों तक तेज दर्द, झनझनाहट, सुन्नता और कमजोरी महसूस हो सकती है।
स्लिप डिस्क के कारण
गलत तरीके से बैठना या झुकना
भारी सामान उठाना, विशेषकर गलत ढंग से
बढ़ती उम्र और डिस्क का कठोर होना
मोटापा और व्यायाम की कमी
अचानक लगी चोट
लक्षण कैसे पहचानें
लगातार कमर और पीठ दर्द, जो पैरों तक फैल जाए (सायटिका)
सुन्नपन, झनझनाहट या मांसपेशियों में कमजोरी
बैठने, खड़े होने या चलने में कठिनाई
लंबे समय तक दर्द बने रहना
किन लोगों को ज्यादा खतरा
आईटी प्रोफेशनल्स, ड्राइवर और ऑफिस कर्मचारी, जो लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठते हैं
भारी वजन उठाने वाले मजदूर और एथलीट्स
कब्ज की समस्या से पीड़ित लोग
बचाव के उपाय
सही मुद्रा में बैठें, हर 30–40 मिनट पर उठकर चलें
भारी सामान उठाते समय घुटनों का सहारा लें, कमर पर दबाव न डालें
नियमित व्यायाम, योग और स्ट्रेचिंग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
फाइबर युक्त आहार लें, ताकि कब्ज की समस्या न हो
दर्द बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें
विशेषज्ञ की राय
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नितिन कुमार बताते हैं कि स्लिप डिस्क के इलाज में सबसे पहले दर्द और सूजन कम करने पर ध्यान दिया जाता है। इसके लिए दवाइयां और फिजियोथेरेपी दी जाती है, जिसमें बैक एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग विशेष रूप से लाभकारी होती हैं। सही जीवनशैली और सावधानियां अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
👉 नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर व्यक्तिगत रूप से चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।