PM मोदी का जापान दौरा: क्वाड, बुलेट ट्रेन और AI पर फोकस

PM मोदी का जापान दौरा: क्वाड से बुलेट ट्रेन और AI तक, भारत के एजेंडे और अहम करारों पर फोकस

29 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर 

International Desk:  पीएम मोदी का जापान दौरा: क्वाड, रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर फोकस        प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28-29 अगस्त को दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं। यह दौरा कई दृष्ट‍ि से अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें क्वाड सहयोग, रक्षा साझेदारी, व्यापारिक समझौते, एआई और सेमीकंडक्टर तकनीक से लेकर भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना तक कई मुद्दों पर बातचीत होने वाली है।

भारत-जापान रिश्तों का ऐतिहासिक आधार
भारत और जापान का संबंध हजारों साल पुराना है। 8वीं शताब्दी में भारतीय साधु बोधिसेना ने नारा के तोदाईजी मंदिर में बुद्ध की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की थी। आधुनिक दौर में विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसी हस्तियों ने रिश्तों को गहराई दी। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद भारत ने जापान से अलग शांति संधि की, जिसने आज की मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी की नींव रखी।

रणनीतिक और क्षेत्रीय सहयोग
भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और SAGAR पहल जापान की मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत दृष्टि से मेल खाती है। दोनों देश क्वाड समूह, सप्लाई चेन रेजिलियंस इनीशिएटिव (SCRI), अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन (CDRI) जैसे मंचों पर करीबी साझेदार हैं।

इस दौरे पर मुख्य चर्चा के मुद्दे
क्वाड सहयोग
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, स्वास्थ्य सुरक्षा और उभरती तकनीकों को लेकर भारत-जापान चर्चा करेंगे।

रक्षा साझेदारी
भारत और जापान संयुक्त रूप से रक्षा तकनीक विकसित करने पर विचार कर रहे हैं। UNICORN प्रोजेक्ट और नौसेना सहयोग पर बातचीत होगी। साथ ही साझा स्तर पर रक्षा उपकरण निर्माण और फाइटर जेट इंजन टेक्नोलॉजी में सहयोग की संभावना है।

व्यापार और निवेश
अमेरिकी टैरिफ संकट के बीच दोनों देश आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर देंगे। जापान अगले 10 वर्षों में भारत में करीब 10 ट्रिलियन येन (5.95 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने की योजना बना चुका है। खास तौर पर एआई, सेमीकंडक्टर और ऑटो सेक्टर में जापानी कंपनियों के निवेश पर फोकस होगा।

बुलेट ट्रेन परियोजना
मोदी सेंडाई स्थित तोहोकु शिंकानसेन प्लांट का दौरा करेंगे। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जापान से ई10 बुलेट ट्रेन तकनीक पर समझौता हो सकता है। इन ट्रेनों में भूकंप-रोधी और ड्राइवरलेस संचालन की क्षमता है।

टैरिफ संकट और आगे की राह
अमेरिका द्वारा 50% आयात शुल्क लगाए जाने के बाद भारत-जापान के बीच आर्थिक सहयोग और भी अहम हो गया है। दोनों देश ऐसे व्यापारिक समझौते कर सकते हैं, जिनसे भारत के निर्यात और निवेश पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को कम किया जा सके।

निष्कर्ष
यह दौरा केवल द्विपक्षीय रिश्तों को गहराने का नहीं, बल्कि बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच हिंद-प्रशांत में स्थिरता, व्यापार और तकनीकी साझेदारी को नए मुकाम तक ले जाने का अवसर है।