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गर्भवती महिलाओं की मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग की व्यापक योजना, आंगनबाड़ी व आशा वर्करों की सक्रिय भूमिका

फाजिल्का के सरहदी गांवों में, जहां सतलुज के पानी से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग न सिर्फ आम लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहा है

बाढ़ के बीच गूंजीं किलकारियां, अस्पतालों में हुईं चार डिलीवरी
फाजिल्का, 26 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: फाजिल्का के सरहदी गांवों में, जहां सतलुज के पानी से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग न सिर्फ आम लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहा है, बल्कि गर्भवती महिलाओं की मदद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गांव तेजा रोहेला के चार परिवारों में पिछले एक सप्ताह में नवजात शिशुओं की किलकारियां गूंजी हैं। इनमें से तीन प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुए, जबकि चौथा प्रसव विभाग से सूचीबद्ध एक निजी अस्पताल में हुआ।

डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने नदी पार के सभी गांवों में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। पहले से ही 45 गर्भवती महिलाओं की पहचान कर ली गई थी, जिनमें से चार की डिलीवरी पिछले सप्ताह सफलतापूर्वक हुई। गांव तेजा रोहेला की सुनीता रानी ने 19 अगस्त को खुही खेड़ा के सरकारी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। आज आशा वर्कर सुंदरा और एएनएम ने उनके घर पहुंचकर पोस्टनेटल चेकअप किया। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इसी गांव की वीना और सीमा रानी के प्रसव भी सरकारी अस्पतालों में हुए, जबकि एक प्रसव निजी अस्पताल में हुआ।

स्वास्थ्य विभाग की पहल पर दो मामलों में प्रसव के बाद मां और बच्चे को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सीएचसी डब्बवाला कलां के एसएमओ डॉ. रिंकू चावला ने बताया कि हर गांव में आशा वर्करों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के परिवारों से संपर्क बनाए रखा जा रहा है और जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूरी तरह निशुल्क है और मरीजों को लाने-ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा मुफ्त है।

मास मीडिया इंचार्ज दिवेश कुमार ने बताया कि विभाग ने हर गांव में एक आशा वर्कर नियुक्त की हुई है, जो गर्भवती महिलाओं को जरूरी दवाएं देने, प्रसव पूर्व और प्रसव उपरांत देखभाल करने के लिए घर-घर जाती है। संभावित प्रसव और हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची भी तैयार कर ली गई है।

सहायक सिविल सर्जन डॉ. रोहित गोयल ने बताया कि सिविल अस्पताल में बाढ़ प्रभावित इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं। विभाग की टीमें मौसमी बीमारियों और जलजनित रोगों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ दवाएं भी वितरित कर रही हैं। आज भी विभाग की तीन टीमों ने नाव से गांव दोना नांका, तेजा रोहेला और पत्तन पोस्ट मुहार जमशेर में घर-घर जाकर लोगों को दवाएं दीं।