“पंजाब की बेटियों ने घरों की चारदीवारियों से निकलकर अपना और प्रदेश का नाम रोशन किया: डॉ. कमलदीप शर्मा”

मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और ज़िला प्रशासन हर वर्ग के विकास के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत महिलाओं के विकास

दफ़्तर, ज़िला लोक संपर्क अधिकारी, संगरूर                                                                              अस्पताल कल्याण शाखा, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, ज़िला शाखा संगरूर की चेयरपर्सन ने तीज़ मेले में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत                                                                                                    मेले के दौरान विभिन्न पंजाबी रंग-बिरंगे प्रतियोगिताओं का आयोजन

संगरूर,21 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और ज़िला प्रशासन हर वर्ग के विकास के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इसी कड़ी के तहत महिलाओं के विकास के लिए लगातार काम किया जा रहा है और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर दिए जा रहे हैं। पंजाब की बेटियों ने घरों की चारदीवारियों से निकलकर अपना और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस दिशा में बहुत कार्य किया गया है, लेकिन अभी भी इतना कार्य बाकी है कि आने वाली पीढ़ियों में कभी भी बेटियों के जन्म को लेकर कोई शंका न उठे।

यह विचार डॉ. कमलदीप शर्मा, चेयरपर्सन, अस्पताल कल्याण शाखा, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, संगरूर ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ज़िला शाखा, संगरूर की ओर से ज़िला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के ऑडिटोरियम में आयोजित “तीज मेले” में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए व्यक्त किए।

डॉ. कमलदीप शर्मा ने कहा कि सबसे नज़दीकी रिश्ता माँ और बेटी का होता है। हमारे लोक गीतों और बोलियों में इस रिश्ते की महक झलकती है। जब बेटियों का विदा होता है तो सबसे अधिक आघात माँ को ही लगता है। सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बेटियों की तरक्की में सबसे अहम भूमिका माँओं की ही होती है।

मुख्य अतिथि ने कहा कि यह मेला इतने सुंदर ढंग से आयोजित किया गया है कि यहाँ बेटियाँ-बहनें बड़ी संख्या में आई हैं। उन्होंने कहा कि समाज लगातार प्रगति कर रहा है और आज पंजाब में बड़ी संख्या में महिला अधिकारी तैनात हैं, जो गर्व की बात है।

तीज हमारा सदियों पुराना सांस्कृतिक त्योहार है, लेकिन पिछले कुछ समय से लोग इससे दूर हो रहे थे। परंतु अब पंजाब सरकार ने यह अनोखा प्रयास किया है, जिससे युवा पीढ़ी दोबारा अपने समृद्ध विरसे से जुड़ रही है। पुराने समय में दूर-दराज़ ब्याही हुई बेटियाँ अपने मायके आती थीं और तीज़ मनाती थीं। अब हमारी बेटियाँ-बहनें विदेशों में जाती हैं और उन्हें तीज़ के अवसर पर अवश्य पंजाब आकर ऐसे मेलों में हिस्सा लेना चाहिए।

मेले के दौरान विभिन्न पंजाबी रंग-बिरंगी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें ज़िले की युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आम लोगों का कहना था कि प्रशासन द्वारा नई पीढ़ी के युवाओं को अपने समृद्ध विरसे से जोड़ने के लिए किया गया यह प्रयास युवाओं के लिए काफ़ी लाभकारी होगा और वे अपने अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक होंगे। लोगों ने यह भी कहा कि युवाओं को सही दिशा देने वाले ऐसे कार्यक्रम और भी आयोजित किए जाने चाहिए।

इस अवसर पर ज़िला समाजिक सुरक्षा अधिकारी डॉ. लवलीन बड़िंग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य और ज़िला निवासी उपस्थित थे।