18 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Sports Desk: खेल प्रशासन विधेयक में बदलाव से पीटी उषा और कल्याण चौबे को मिलेगा दोबारा चुनाव लड़ने का मौका हाल ही में संसद के दोनों सदनों से राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक पारित किया गया है, जिसे औपचारिक रूप से अधिनियम बनने के लिए अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। इस विधेयक में राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे शीर्ष पदों पर चुनाव लड़ने के लिए पात्रता मानदंड तय किए गए हैं।
पहले प्रावधान के अनुसार इन पदों के लिए उम्मीदवार को कार्यकारी समिति में कम से कम दो कार्यकाल का अनुभव होना अनिवार्य था। लेकिन अब खेल मंत्रालय ने इसमें संशोधन करते हुए इसे एक कार्यकाल तक सीमित कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव युवा प्रशासकों और खिलाड़ियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने का अवसर देने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए किया गया है।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पात्रता मानकों में यह संशोधन व्यापक प्रतिभा को अवसर देने के साथ-साथ अनुभव और निरंतरता का संतुलन भी बनाएगा। उन्होंने बताया कि चुनावों में दावेदारी पेश करने के लिए न्यूनतम कार्यकाल की शर्त को घटाने से योग्य और सक्षम उम्मीदवारों का दायरा बढ़ जाएगा।
इस बदलाव से भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के अध्यक्ष कल्याण चौबे को भी फायदा मिलेगा। दोनों ही नेताओं ने अपनी-अपनी कार्यकारी समितियों में एक-एक कार्यकाल पूरा कर लिया है। संशोधित नियमों के चलते अब वे दोबारा चुनाव लड़ने के योग्य होंगे।
नई व्यवस्था का फायदा केवल राष्ट्रीय महासंघों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि राज्य संघों में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे पदों पर कार्यरत अधिकारी भी राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव लड़ सकेंगे। इससे खेल महासंघों में नेतृत्व के लिए प्रतिस्पर्धा और अधिक बढ़ेगी।













