31 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
Health Desk: थायराइड को कंट्रोल करने के लिए जीवनशैली में करें ये छोटे बदलाव, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर थायराइड ग्रंथि, गर्दन के निचले हिस्से में स्थित एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि है, जिसे शरीर की ‘मास्टर ग्लैंड’ भी कहा जाता है। यह मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर, शरीर का तापमान और लगभग हर अंग के कार्य को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का उत्पादन करती है। जब यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो हाइपोथायरायडिज्म (हार्मोन की कमी) या हाइपरथायरायडिज्म (हार्मोन की अधिकता) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दुनियाभर में करोड़ों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं और भारत में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दवाओं के साथ-साथ कुछ छोटे जीवनशैली बदलाव थायराइड को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सबसे पहला और जरूरी बदलाव है—संतुलित व थायराइड-अनुकूल आहार। आयोडीन, सेलेनियम और जिंक जैसे पोषक तत्व थायराइड के सही कामकाज के लिए जरूरी हैं। आयोडीन युक्त नमक, समुद्री भोजन, सेलेनियम से भरपूर अन्न, और जिंक के लिए कद्दू के बीज, दालें व मेवे अपने आहार में शामिल करें। साथ ही गोइट्रोजेनिक खाद्य पदार्थ जैसे पत्तागोभी और ब्रोकली को कच्चा खाने से बचें और इन्हें पकाकर ही सेवन करें, क्योंकि ये थायराइड की कार्यप्रणाली में बाधा डाल सकते हैं।
दूसरा महत्वपूर्ण कदम है—नियमित शारीरिक गतिविधि। व्यायाम न सिर्फ चयापचय को बढ़ाता है, जो हाइपोथायरायडिज्म में धीमा हो जाता है, बल्कि वजन नियंत्रण में भी मदद करता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चलना, जॉगिंग, साइकिलिंग या तैरना जैसी गतिविधियां अपनाएं। ये न केवल थकान कम करती हैं बल्कि मूड को भी बेहतर बनाती हैं।
तीसरा बदलाव है—तनाव प्रबंधन और मानसिक शांति बनाए रखना। लगातार मानसिक तनाव थायराइड हार्मोन पर नकारात्मक असर डालता है। लंबे समय तक बढ़ा कोर्टिसोल लेवल थकान, वजन बढ़ने और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। इसलिए ध्यान, गहरी सांसों का अभ्यास, योग और अपने शौकों जैसे संगीत या गार्डनिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
इन छोटे लेकिन प्रभावी जीवनशैली परिवर्तनों से न केवल थायराइड ग्रंथि बेहतर काम करेगी, बल्कि आप मानसिक और शारीरिक रूप से भी बेहतर महसूस करेंगे। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये उपाय दवाओं के विकल्प नहीं हैं, बल्कि उनके पूरक हैं। इसलिए थायराइड से जुड़ी दवाओं को कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के बंद न करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं।
(नोट: यह लेख मेडिकल स्रोतों पर आधारित जानकारी के अनुसार तैयार किया गया है। किसी भी तरह की चिकित्सा सलाह के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।)











