आज का पंचांग, 28 जुलाई 2025: सावन गणेश चतुर्थी व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त और पूजन का सही समय

28 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर

Rashifal Desk: आज का पंचांग, 28 जुलाई 2025: सावन का तीसरा सोमवार और विनायक चतुर्थी आज, बन रहे कई शुभ योग                                                                                                                 आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। सोमवार, 28 जुलाई को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस पावन अवसर पर सावन का तीसरा सोमवार व्रत और विनायक चतुर्थी दोनों एक साथ पड़ रहे हैं। यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और भगवान गणेश दोनों की पूजा का विशेष महत्व है।

धार्मिक मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और साधक को इच्छित फल की प्राप्ति होती है। वहीं, गणेश चतुर्थी पर विघ्नहर्ता गणपति की पूजा करने से जीवन के समस्त विघ्नों का नाश होता है। आज के दिन बन रहे शुभ योग इन दोनों व्रतों को और भी अधिक फलदायी बना रहे हैं।

🗓 आज का पंचांग (28 जुलाई 2025):
वार: सोमवार

तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी (रात 11:24 बजे तक)

मास: श्रावण (पूर्णिमांत)

संवत्सर: विक्रम संवत 2082

पक्ष: शुक्ल

सूर्य राशि: कर्क

चंद्र राशि: सिंह

🌅 सूर्य और चंद्र का समय:
सूर्योदय: सुबह 5:40 बजे

सूर्यास्त: शाम 7:15 बजे

चंद्रोदय: सुबह 8:55 बजे

चंद्रास्त: रात 9:34 बजे

🔶 शुभ योग और करण:
योग: परिघ (रात 2:54 बजे तक, 29 जुलाई)

करण:

वणिज – सुबह 10:57 बजे तक

विष्टि – रात 11:24 बजे तक

🕰 शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:55 बजे तक

अमृत काल: सुबह 10:52 से दोपहर 12:33 बजे तक

⚠️ अशुभ समय (दोष काल):
राहु काल: सुबह 7:22 से 9:04 बजे तक

यमगंड काल: 10:52 से 12:27 बजे तक

गुलिक काल: दोपहर 2:09 से 3:51 बजे तक

🌌 आज का नक्षत्र:
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र: शाम 5:35 बजे तक

विशेषताएं: रचनात्मकता, आकर्षण, करिश्मा, दानशीलता, प्रेम, विवाह, लेकिन साथ ही अहंकार और आलस्य की प्रवृत्ति भी।

राशि स्वामी: सूर्य

देवता: भग (प्रेम और विवाह के देवता)

गुण: रजस

प्रतीक: बिस्तर

🙏 पूजा का महत्व:
आज शिव भक्त सावन सोमवार का व्रत रखेंगे और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध, शहद आदि अर्पित करेंगे। साथ ही गणेश भक्त गणपति को दूर्वा, मोदक और सिंदूर चढ़ाकर पूजा करेंगे। यह दिन मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।