22 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
National Desk: महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 2006 में हुए मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों के सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। एटीएस ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के उस फैसले को पलटने की मांग की है, जिसमें सभी 13 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति बी.आर. गवई कर रहे हैं, ने इस मामले पर सुनवाई के लिए गुरुवार, 24 जुलाई की तारीख तय की है। यह मामला उस समय फिर से सुर्खियों में आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के सिलसिलेवार ट्रेन धमाकों के मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
गौरतलब है कि 11 जुलाई 2006 को मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों में सिलसिलेवार सात धमाके हुए थे, जिनमें 189 लोगों की जान गई थी और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले को भारत के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में एटीएस की याचिका पर क्या रुख अपनाता है और क्या हाईकोर्ट के फैसले को पलटा जा सकेगा।