अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच बिहार के एथलीटों ने बिखेरा जलवा

20 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर

International Desk: पटना में पहली बार आयोजित हुई नेशनल लेवल एथलेटिक्स मीट, बिहार के खिलाड़ियों ने दिखाया दम                                                                                                                 बिहार की राजधानी पटना ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर की एक बड़ी खेल प्रतियोगिता की मेजबानी की है। 19 जुलाई को कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में “इंडियन ओपन एथलेटिक्स मीट 2025” का सफल आयोजन हुआ। यह पहली बार है जब एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए बिहार को मेजबान राज्य के रूप में चुना। इस आयोजन में बिहार के तीन खिलाड़ियों ने नेशनल कैंप के लिए क्वालीफाई किया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।

पूरे देश से पहुंचे 390 एथलीट
इस प्रतिष्ठित मीट में भारतीय रेलवे, ओएनजीसी, सर्विसेज़ और अन्य सरकारी इकाइयों के खिलाड़ियों सहित देशभर से कुल 390 शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया। पुरुष और महिला वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर जैसी ट्रैक स्पर्धाओं के साथ-साथ लॉन्ग जंप, ट्रिपल जंप, शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो जैसी फील्ड प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच चमके बिहार के एथलीट
BSSA के महानिदेशक और CEO रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि इस आयोजन में कई ओलंपियन और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी शामिल हुए। इन दिग्गजों के बीच बिहार के खिलाड़ियों ने भी दमदार प्रदर्शन किया और विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बिहार के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

तीन खिलाड़ियों ने किया नेशनल कैंप के लिए क्वालीफाई
शंकरण ने गर्व से बताया कि बिहार के तीन एथलीट AFI द्वारा तय किए गए क्वालिफिकेशन मानकों को पार करते हुए नेशनल कैंप के लिए चुने गए हैं। 400 मीटर रेस में पीयूष राज और सेतु मिश्रा, जबकि लॉन्ग जंप में सनी कुमार ने यह उपलब्धि हासिल की है। अगर ये खिलाड़ी कैंप में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों के लिए तैयार किया जाएगा।

बिहार से 23 खिलाड़ियों की भागीदारी
इस बार बिहार से कुल 23 खिलाड़ियों ने इंडियन ओपन एथलेटिक्स मीट में भाग लिया, जो पिछले पांच संस्करणों की तुलना में बड़ी छलांग है — पहले के संस्करणों में बिहार से केवल 14 खिलाड़ी ही शामिल हुए थे।

निशुल्क दर्शक प्रवेश, दिनभर चला आयोजन
प्रतियोगिता सुबह 6 बजे से शुरू हो गई थी और पूरे दिन भर अलग-अलग कैटेगरी में दौड़, कूद और थ्रो की प्रतियोगिताएं होती रहीं। दर्शकों के लिए निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था थी, जिससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमी इस आयोजन के साक्षी बन सके।

इस आयोजन ने न केवल बिहार को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर उभारा है, बल्कि राज्य के युवाओं के लिए नई प्रेरणा और अवसर के द्वार भी खोले हैं।