मिशन वात्सल्य की योजनाओं के तहत सरकारी स्कूलों में लगाए गए जागरूकता कैंप
फाजिल्का 29 मई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर
मिशन वात्सल्य की योजनाओं के अंतर्गत बच्चों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीतु बाला द्वारा जिला फाजिल्का के गांव अर्नी वाला, चक्क बुद्धो का, चक्क गुलाम रसूल और ढाब करियाल के सरकारी स्कूलों में जागरूकता कैंप लगाए गए। इस मौके पर सोशल वर्कर निशान सिंह और आउटरीच वर्कर सारिका रानी द्वारा बच्चों को उनके साथ होने वाले अपराधों के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि बच्चों के साथ यौन शोषण और मानसिक शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए बच्चों की सुरक्षा के लिए “प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट” (POCSO) लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत बच्चों के साथ हो रहे शोषण पर सख्त सजा का प्रावधान है।
इसके अलावा उन्होंने बाल विवाह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। यदि कोई व्यक्ति इससे पहले किसी बच्चे का विवाह करवाता है, तो वह कानूनन अपराध माना जाएगा। बाल विवाह करवाने वाले को 2 साल की सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों की सुरक्षा के लिए विभिन्न चाइल्ड केयर होम बनाए गए हैं, जहां बच्चों को सहारा दिया जाता है और उनकी पढ़ाई, भोजन, चिकित्सा और काउंसलिंग की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। यदि किसी को कोई जरूरतमंद बच्चा नजर आता है तो उसकी जानकारी जिला बाल सुरक्षा कार्यालय, फाजिल्का में दी जा सकती है।
इसके अलावा बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके साथ हो रहे शोषण की सूचना देने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने अपील की कि पंजाब में बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में कटोरे नहीं, किताबें होनी चाहिए। इस अवसर पर स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक और चाइल्डलाइन की प्रतिनिधि सोमा रानी भी मौजूद थीं












