IND vs ENG: टीम चयन के बाद अगरकर बोले – ‘रोहित-कोहली की कमी पूरी करना आसान नहीं’, सराहा योगदान

24 मई  2025 ,FACT RECORDER

अगरकर बोले – रोहित-कोहली की भरपाई आसान नहीं, लेकिन नए खिलाड़ियों के लिए खुला मौका

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा करते हुए स्वीकार किया कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की जगह भरना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025-27 के नए चक्र को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव किए गए हैं और नए चेहरों को मौका देना प्राथमिकता रही।

रोहित-कोहली के संन्यास से टीम में बड़ा बदलाव

रोहित शर्मा ने 7 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि विराट कोहली ने 12 मई को लाल गेंद के फॉर्मेट को अलविदा कहा। इन दोनों के अचानक संन्यास लेने से टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। अगरकर ने कहा, “जब इस स्तर के खिलाड़ी रिटायर होते हैं, तो उनकी जगह भर पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन इसका एक सकारात्मक पक्ष भी है – नए खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।”

कोहली ने पहले ही दे दी थी जानकारी

अगरकर ने बताया कि कोहली ने अप्रैल की शुरुआत में ही चयन समिति को टेस्ट से संन्यास की सूचना दे दी थी। अगरकर ने कहा, “विराट का मानना था कि उन्होंने इस फॉर्मेट में सबकुछ दिया है और अगर वे अपने बनाए मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे, तो उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। उनके इस फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।”

टीम में शामिल हुए नए चेहरे

रोहित और कोहली की जगह युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन और करुण नायर को टीम में शामिल किया गया है। इंग्लैंड दौरे पर टीम की कमान शुभमन गिल संभालेंगे। चयन समिति ने कुल 18 खिलाड़ियों की टेस्ट टीम घोषित की है।

प्रदर्शन को लेकर उठे थे सवाल

बीते साल टेस्ट क्रिकेट में दोनों दिग्गजों का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा। कोहली ने पर्थ टेस्ट में शतक जरूर लगाया, लेकिन पूरी बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में वे बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे और पांच मैचों में मात्र 190 रन बना सके। रोहित शर्मा का प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा, जिसकी वजह से उन्हें अंतिम टेस्ट से बाहर रखा गया था।

कोहली की विदाई सीरीज की चर्चा पर क्या बोले अगरकर?

यह भी चर्चा थी कि कोहली इंग्लैंड में विदाई सीरीज खेलना चाहते थे, लेकिन अगरकर ने इस पर कुछ स्पष्ट नहीं कहा। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि “टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कोहली का व्यक्तिगत निर्णय था, और चयन समिति का काम खिलाड़ियों का चयन करना है।”

टीम निर्माण की दिशा में बड़ा कदम

अगरकर ने कहा, “डब्ल्यूटीसी के नए चक्र की शुरुआत के साथ टीम को दोबारा तैयार करना जरूरी है। यह समय नए खिलाड़ियों को मौका देने का है, ताकि वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर सकें।”

निष्कर्ष:
रोहित और कोहली जैसे सितारों का संन्यास भारतीय टेस्ट टीम के लिए युगांतकारी बदलाव है, लेकिन अब भविष्य की ओर देखना होगा। चयन समिति का जोर नई प्रतिभाओं को तराशने और टेस्ट क्रिकेट में भारत की मजबूती बनाए रखने पर है।