भ्रम और डरावनी आवाजें सुनाई देना: कितना खतरनाक होता है सिज़ोफ्रेनिया, जानिए पूरी जानकारी

24 मई  2025 ,FACT RECORDER

सिज़ोफ्रेनिया: जब हकीकत और भ्रम के बीच खोने लगता है इंसान – जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं आज वैश्विक चिंता का विषय बन चुकी हैं। जहां हम शारीरिक बीमारियों को गंभीरता से लेते हैं, वहीं मानसिक रोगों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इन्हीं में से एक है सिज़ोफ्रेनिया, जो एक गंभीर और दीर्घकालिक मानसिक बीमारी है।

दुनियाभर में लाखों लोग प्रभावित

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में करीब 2.4 करोड़ लोग सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित हैं। यानी हर 300 में से 1 व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ सकता है।

क्या है सिज़ोफ्रेनिया?

यह एक गंभीर मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति को वास्तविकता की सही पहचान नहीं हो पाती। उसे भ्रम होते हैं, अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, और अपने ही विचार अजनबी लगने लगते हैं। यह रोग मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है और व्यक्ति के सोचने, समझने और व्यवहार पर गहरा असर डालता है।

क्यों मनाया जाता है विश्व सिज़ोफ्रेनिया दिवस?

हर साल 24 मई को वर्ल्ड सिज़ोफ्रेनिया डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाना और मरीजों को बेहतर समर्थन देना है।

सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण क्या हो सकते हैं?

  • बार-बार भ्रम होना या अजीब आवाजें सुनाई देना

  • ऐसा लगना कि कोई पीछा कर रहा है या साजिश कर रहा है

  • सोचने और बोलने में गड़बड़ी

  • भावनात्मक प्रतिक्रिया में कमी

  • आत्मविश्वास की कमी और नकारात्मक सोच

इसके होने के संभावित कारण

  • आनुवंशिक कारण: यदि परिवार में किसी को यह रोग रहा हो तो खतरा बढ़ जाता है।

  • रासायनिक असंतुलन: डोपामिन और ग्लूटामेट जैसे रसायनों का असंतुलन मस्तिष्क पर असर डालता है।

  • गर्भावस्था या प्रसव के दौरान जटिलताएं: संक्रमण, ऑक्सीजन की कमी या पोषण की कमी से जोखिम बढ़ सकता है।

  • मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारण: बचपन का ट्रॉमा, अकेलापन या सामाजिक अलगाव भी इसे ट्रिगर कर सकते हैं।

इलाज और मैनेजमेंट कैसे संभव है?

  • जल्दी पहचान और इलाज सबसे जरूरी है।

  • दवाइयां मस्तिष्क के रसायनों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।

  • थेरेपी और काउंसलिंग से रोगी को अपने विचारों और व्यवहार को समझने में मदद मिलती है।

  • लाइफस्टाइल में बदलाव जैसे योग, ध्यान और नशे से दूरी, लक्षणों को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

क्या करें अगर किसी में लक्षण नजर आएं?

अगर किसी अपने में सिज़ोफ्रेनिया जैसे लक्षण दिखें तो देर न करें। तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। सही इलाज और सहयोग से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है और रोगी सामान्य जीवन जी सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। किसी भी लक्षण की स्थिति में डॉक्टर की राय जरूर लें।