फेक एनकाउंटर पर HC सख्त, पंजाब सरकार को नोटिस: ‘कानून के रक्षक जज और जल्लाद नहीं बन सकते’

23 मई  2025 ,FACT RECORDER

फर्जी एनकाउंटर मामला: हाईकोर्ट का पंजाब सरकार को आदेश, पीड़ित मां को 15 लाख मुआवजा

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 2013 में अमृतसर में हुए एक कथित फर्जी पुलिस एनकाउंटर को लेकर पंजाब सरकार को बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने पीड़ित युवक अरविंदर पाल सिंह उर्फ लवली की मां दलजीत कौर को 15 लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

22 वर्षीय अरविंदर पाल की 23 मई 2013 को एक नाई की दुकान पर बैठे हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मां का आरोप है कि हेड कांस्टेबल प्रेम सिंह ने उनके बेटे को बिना चेतावनी के बेहद नजदीक से सीने में गोली मारी। पुलिस ने दावा किया कि अरविंदर अपराधी था और उसने पुलिसकर्मी पर हमला किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि गोली बहुत नजदीक से चलाई गई थी और टांगों पर कोई चोट नहीं थी — जो इस बात को झुठलाता है कि कोई चेतावनी दी गई थी।

कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को “कानून के बाहर की गई और अस्वीकार्य” करार देते हुए कहा कि कानून लागू करने वाले अधिकारी स्वयं जज, ज्यूरी और जल्लाद नहीं बन सकते। अदालत ने यह भी माना कि यह घटना आत्मरक्षा के नाम पर की गई एक्स्ट्रा-जुडिशियल किलिंग का मामला है।

कोर्ट ने नाराजगी जताई कि आरोपी पुलिसकर्मी पर पहले केवल आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया, जबकि यह हत्या का स्पष्ट मामला है और उस पर धारा 302 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को क्लोजर रिपोर्ट पर दोबारा विचार करने का भी आदेश दिया।

दलजीत कौर ने इस मामले में 12 वर्षों तक लगातार न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी, जिसके बाद अब उन्हें अदालत से राहत मिली है।