मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान: चलेंगे 1000 रूट पर बसें, होटलों और रेस्ट हाउसों में बनेंगे चार्जिंग स्टेशन

19 मई, 2025 Fact Recorder

हिमाचल में परिवहन क्षेत्र का बड़ा विस्तार: 1000 नए बस रूट, चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क, फैंसी नंबरों से करोड़ों की कमाई

शिमला। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को शिमला में प्रेसवार्ता में बताया कि हिमाचल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही 1000 नए रूट पर परमिट जारी किए जाएंगे, जिनमें 422 रूट सामान्य बसों और 350 मिनी-मिडी (18 सीटर) वाहनों के होंगे। 350 रूटों के लिए निविदाएं पहले ही आमंत्रित की जा चुकी हैं, जबकि 181 रूट निजी ऑपरेटरों को आवंटित हो चुके हैं।
इस फैसले से बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में बसों की कमी भी काफी हद तक दूर होगी। इसके साथ ही हिमाचल में बस रूटों की कुल संख्या अब 4000 के पार पहुंच जाएगी।
परिवहन विभाग की कमाई में इजाफा
2024-25 के वित्तीय वर्ष में हिमाचल परिवहन विभाग की आय में 17% की वृद्धि हुई है। इस दौरान विभाग ने 912 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष से 132 करोड़ ज्यादा है। 2025-26 में विभाग ने 1000 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है।
वाहनों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी
  • 26,812 नए परमिट बीते एक वर्ष में जारी हुए हैं।
  • 1.5 लाख नए वाहन इस अवधि में पंजीकृत हुए हैं, जिससे कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 23 लाख हो गई है।
  • प्रदेश में अब 16 लाख ड्राइविंग लाइसेंस धारक हैं।
  • सिर्फ पिछले एक साल में 1 लाख नए लाइसेंस जारी किए गए हैं।
फैंसी नंबरों से हुई बड़ी कमाई
अब फैंसी नंबरों की ई-नीलामी से परिवहन विभाग को 37 करोड़ रुपये की आय हुई है। कुछ नंबर 25 लाख रुपये से ज्यादा में भी बिके हैं। पहले ये नंबर सिफारिशों से दिए जाते थे।
ईवी चार्जिंग स्टेशन का मजबूत नेटवर्क
परिवहन विभाग राज्यभर में ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन का जाल बिछा रहा है:
  • निगम के 11 और निजी होटलों में 65 स्टेशन पहले ही लग चुके हैं।
  • सभी सरकारी रेस्ट हाउसों में भी चार्जिंग स्टेशन लगेंगे।
  • 6 ग्रीन कॉरिडोर के 41 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए तीन कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं।
  • इस वर्ष 88 नए चार्जिंग स्टेशनों का लक्ष्य रखा गया है।
  • 23 पेट्रोल पंपों पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं।
वाहन पासिंग अब ऑटोमैटिक
प्रदेश में 7 ऑटोमैटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इससे वाहनों की पासिंग प्रक्रिया आधुनिक और पारदर्शी होगी।
स्क्रैप नीति पर जोर
सोलन और नादौन में वाहन स्क्रैप केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां अब तक 400 वाहन स्क्रैप हो चुके हैं। स्क्रैप करवाने पर नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।
अन्य स्क्रैप सेंटर बद्दी, रानीताल, बिलासपुर, मंडी, नालागढ़, हरोली और ऊना में स्थापित किए जा रहे हैं।
इंटेलिजेंस मैनेजमेंट सिस्टम
प्रदेश के 10 बैरियरों पर इंटेलिजेंस मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। अब तक 2571 नियम उल्लंघन करने वालों को पकड़ा जा चुका है।
निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश का परिवहन विभाग न केवल सेवा विस्तार कर रहा है, बल्कि तकनीकी और डिजिटल सुधारों के जरिए राजस्व, सुविधा और पारदर्शिता में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है