स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्कूली बसों की चेकिंग

दफ़्तर ज़िला लोक संपर्क अधिकारी मालेरकोटला
   स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के मामले में स्कूल, परिवहन, माता-पिता या किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही      बर्दाश्त नहीं की जाएगी — क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

  • माता-पिता भी बच्चों की स्कूली आवाजाही के लिए केवल निर्धारित सुरक्षित साधनों का ही उपयोग करें, नियमों की अनदेखी बन सकती है बड़े खतरे का कारण

  • सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए कमर्शियल वाहन, ट्रक-ट्रॉले, टिपर, टूरिस्ट बसों की हुई जांच; 16 चालान, ₹4.70 लाख जुर्माना वसूला गया

मालेरकोटला, 18 मई, 2025 Fact Recorder 2,270 1,899 1,240

स्कूली विद्यार्थियों और आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए डिप्टी कमिश्नर विराज एस. तिडके के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एवं उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एस.डी.एम.) मालेरकोटला/अहमदगढ़ गुरमीत कुमार बांसल द्वारा अपनी टीम सहित स्कूलों में बच्चों को लाने वाली बसों की “सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी” के तहत विशेष चेकिंग की गई। साथ ही, ट्रक, ट्रॉले, टिपर, टूरिस्ट बसों जैसे कमर्शियल वाहनों की भी विशेष जांच की गई।

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 वाहनों के चालान काटे गए और ₹4 लाख 70 हजार की जुर्माना राशि वसूल की गई।

एस.डी.एम. गुरमीत कुमार बांसल ने कहा कि हाल ही में समाना में बच्चों के साथ हुआ दर्दनाक हादसा रोका जा सकता था, लेकिन ऐसी लापरवाही अब भविष्य में नहीं होने दी जाएगी। इसलिए सभी को सजग होकर “सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी” के नियमों की सख्ती से पालना करनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्कूली बच्चों की आवाजाही के मामले में स्कूल, माता-पिता, परिवहन या किसी भी विभागीय स्तर पर हुई कोई भी गलती बख्शी नहीं जाएगी। इस जिम्मेदारी में प्राइवेट स्कूल व ट्रांसपोर्ट प्रबंधन भी माता-पिता जितने ही उत्तरदायी होंगे।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में पुलिस, परिवहन, शिक्षा और बाल सुरक्षा विभागों द्वारा चेकिंग को और तेज किया जाएगा ताकि कोई भी स्कूल वाहन बच्चों की जान से खिलवाड़ न कर सके। उन्होंने स्कूलों और परिवहन प्रबंधकों को निर्देश दिए कि यदि इस संबंध में किसी भी पक्ष की कोई भी छोटी सी लापरवाही सामने आती है तो उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

माता-पिता से अपील:
उन्होंने स्कूली बच्चों के माता-पिता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की जिंदगी को केवल सुरक्षित वाहनों में ही सुरक्षित समझें और इस संबंध में पूरा सहयोग करें ताकि उनके बच्चे स्कूल तक सुरक्षित आ-जा सकें।

वाहन दस्तावेजों की भी जांच:
एस.डी.एम. गुरमीत कुमार बांसल ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिले की सड़कों पर अधूरे दस्तावेज, ओवरलोड, बिना टैक्स वाले वाहनों की भी जांच की। टिपर, ट्रॉले, ट्रक, पिकअप जैसे कमर्शियल वाहनों के कागजात, प्रेशर हॉर्न, ओवरहाइट, मॉडिफाइड वाहन, बिना ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, टैक्स, फिटनेस आदि से जुड़े दस्तावेजों की जांच करते हुए चालान किए गए।

आम जनता से अपील:
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि सड़क पर कोई वाहन ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता हुआ दिखाई दे, तो वे आर.टी.ए. कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनका नाम गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरह की आकस्मिक जांचें निरंतर जारी रहेंगी ताकि शहर को हादसों से सुरक्षित रखा जा सके।