“आज़ादी की कमी” के चलते विराट कोहली ने छोड़ा टेस्ट क्रिकेट: रिपोर्ट

14 मई, 2025 Fact Recorder

भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक विराट कोहली ने सोमवार को अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे क्रिकेट जगत में हैरानी की लहर दौड़ गई। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला उन्होंने पहले से ही सोच रखा था।
क्यों लिया संन्यास का फैसला?
Cricbuzz की रिपोर्ट के अनुसार, कोहली ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वे एक बार फिर भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी करना चाहते थे, खासकर इंग्लैंड के खिलाफ हालिया सीरीज में। लेकिन BCCI ने यह जिम्मेदारी किसी युवा खिलाड़ी को देने का फैसला किया, जिससे कोहली निराश हुए।
कोहली को लगता था कि मौजूदा टीम मैनेजमेंट के तहत उन्हें वह स्वतंत्रता और माहौल नहीं मिल रहा, जो उन्हें पहले के ड्रेसिंग रूम में मिलता था। यही कारण था कि उन्होंने खुद को एक नए आत्म-आविष्कार और चुनौती की तलाश में पाया — जो उन्हें टेस्ट क्रिकेट में नहीं दिख रही थी।
बातचीत के बावजूद नहीं बदला मन
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विराट ने BCCI के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर से दो बार फोन पर बात की, साथ ही पूर्व कोच रवि शास्त्री और पूर्व सचिव जय शाह से भी चर्चा की। हालांकि, इन सभी बातचीतों के बावजूद कोहली का मन नहीं बदला।
वह राजीव शुक्ला से भी मिलने वाले थे, लेकिन भारत-पाक राजनीतिक परिस्थितियों के कारण वह बैठक नहीं हो सकी।
खराब फॉर्म और बदलाव की चाहत
36 वर्षीय कोहली का हालिया टेस्ट फॉर्म भी औसत रहा था — पिछले तीन वर्षों में उनका औसत सिर्फ 32 रहा। वह इस मोड़ पर एक नई शुरुआत चाहते थे, लेकिन जब उन्हें कप्तानी और नेतृत्व का मौका नहीं मिला, तो टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला लिया।
निष्कर्ष
यदि BCCI ने इंग्लैंड सीरीज के बाद बदलाव की प्रक्रिया शुरू की होती, तो शायद विराट और रोहित शर्मा दोनों को एक सम्मानजनक विदाई मिल सकती थी। लेकिन बोर्ड ने World Test Championship के नए चक्र की शुरुआत एक नई योजना और युवा नेतृत्व के साथ करने का मन बना लिया — और यहीं से कोहली के टेस्ट करियर का अंत तय हो गया।