Rohtak Diabetic patient Diabetic foot care clinic Dr Achintya Sharma Haryana | रोहतक में शुरू होगा पहला फुट केयर क्लिनिक: डायबिटिक मरीजों को राहत; डॉक्टर बोले-इलाज न कराने पर पैर कटने जैसी बनती है स्थिति – Rohtak News

रोहतक में पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अचिंत्य शर्मा।

रोहतक में डायबिटीज के पीड़ित मरीजों को अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रोहतक में डायबिटिक फुट केयर क्लिनिक शुरू हो रहा है, जिसमें मरीजों को पैरों की देखभाल के बारे में जागरूक किया जाएगा। इससे डायबिटिक मरीजों को काफी फायदा होगा।

वेस्कुलर व एंडोवेस्कुलर सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अचिंत्य शर्मा ने बताया कि डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए पैरों की देखभाल, चोटों से बचाव और चलने-फिरने की क्षमता को बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि पैर को काटने जैसी स्थिति से बचा जा सकें। यदि डायबिटिक फुट की जटिलताओं का समय पर इलाज न किया जाए, तो ये गंभीर संक्रमण, अल्सर और कई बार पैर काटने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

डायबिटिक मरीजों को कई प्रकार की समस्याएं

डॉ. अचिंत्य शर्मा ने कहा कि डायबिटीज से ग्रस्त लोगों में न्यूरोपैथी, खराब रक्त संचार और प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी के कारण पैरों से संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक होता है। हाल ही में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग में समर्पित डायबिटिक फुट केयर क्लिनिक की शुरुआत की है। क्लिनिक में डायबिटिक मरीजों के पैरों के अल्सर की देखभाल, संक्रमण प्रबंधन और वेस्कुलर जांच जैसी सेवाएं शामिल हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अचिंत्य शर्मा।

पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. अचिंत्य शर्मा।

डायबिटिक मरीज को फुट के कारण हो सकती है गंभीर बीमारी

डॉ. अचिंत्य ने बताया कि डायबिटिक फुट की समस्याएं, जैसे अल्सर, संक्रमण, न्यूरोपैथी, चार्कोट फुट और खराब ब्लड सर्कुलेशन को समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो ये काफी गंभीर हो सकती हैं। शुरुआती लक्षणों में सुन्नता, दर्द, न भरने वाले घाव, सूजन, त्वचा में बदलाव और पैरों का आकार बिगड़ना शामिल है। इन समस्याओं से बचने के लिए रोज़ाना देखभाल जरूरी हैं।

डायबिटिक मरीजों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान

डॉ. अचिंत्य ने बताया कि डायबिटिक मरीज पैरों का निरीक्षण करें, धोएं और मॉइस्चराइज़ करें, नाखून सावधानी से काटें, सही जूते और मोज़े पहनें, नंगे पांव चलने से बचें और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें। धूम्रपान से बचें, पैरों को गर्म करने से बचें और बेहतर रक्त संचार के लिए उन्हें ऊपर उठाकर रखें।

डॉ. अचिंत्य ने बताया कि नियमित रूप से पैरों की जांच कराएं और अगर घाव ठीक न हो रहा हो, लालिमा फैल रही हो, त्वचा काली पड़ जाए या दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। रोहतक में फुट केयर क्लिनिक की सुविधा पहली बार शुरू हो रही है।