Panchkula Police De-Addiction Campaign Update | पंचकूला पुलिस ने 1256 नशा पीड़ितों दी चिकित्सा सहायता: 1396 की पहचान की, काउंसलिंग करवाई जा रही, सामान्य जीवन की ओर लौटें पीड़ित – Panchkula News

स्टूडेंट्स को संबोधित करते पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य।

हरियाणा के पंचकूला में केंद्र और राज्य सरकार की नशा मुक्त भारत की मुहिम को सशक्त बनाने के लिए पुलिस द्वारा चलाया जा रहा अभियान नशा और हिंसा मुक्त– मेरा गांव, मेरी शान जारी है। इस अभियान की अगुवाई पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य कर रहे हैं।

2 दिसंबर 2024 को शुरू किए गए इस अभियान के तहत तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसका नेतृत्व महिला निरीक्षक राजेश कुमारी, सब-इंस्पेक्टर सतीश और एएसआई शिवानी ने किया। इन टीमों ने एएसआई रोशन के समन्वयन में जिले के 265 क्षेत्रों-गांव, वार्ड, मोहल्ले व कॉलोनियों में जाकर 10,600 लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया।

इस अभियान के दौरान 1396 नशा पीड़ितों की पहचान की गई, जिनमें से 1256 को काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता दी गई। वहीं, 40 गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्तियों को सेक्टर-6 नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया गया। इनमें से कई मरीज इतने कमजोर थे कि चल भी नहीं सकते थे, लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साझा प्रयासों से वे अब सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज का दौरा किया आज इसी अभियान के अंतर्गत पुलिस कमिश्नर राकेश कुमार आर्य ने सेक्टर-26 स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज का दौरा किया और छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा बेचने वाले अपराधी हैं और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन नशा करने वाले पीड़ित हैं, जिन्हें समाज की सहानुभूति और सहायता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, पूरे समाज की समस्या है और इसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। नशा, अपराध की जड़ है—अगर नशा खत्म होगा तो अपराध भी कम होंगे। छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने अच्छी संगत, अनुशासन और खेल-कूद, शिक्षा में रुचि लेने की सलाह दी।

अगर किसी को नशा पीड़ित या तस्करों के बारे में जानकारी हो तो वे पुलिस की ड्रग इंफो हेल्पलाइन 7087081100 और 7087081048, या एएसआई रोशन (मोबाइल: 9417740094) से संपर्क कर सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. एमपी शर्मा (मनोचिकित्सक) और डॉ. अनु (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट) ने नशा पीड़ितों की पहचान व पुनर्वास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए। कॉलेज प्रिंसिपल रणवीर सिंह सांगवान, वाइस प्रिंसिपल ईशा मेहता, और आसमान फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी छात्रों को नशामुक्ति का संदेश दिया।