16/April/2025 Fact Recorder
नेशनल हेराल्ड मनी लॉड्रिंग मामले में भाजपा ने बुधवार को कांग्रेस पर हमला बोला। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सभी को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी जमानत पर बाहर हैं। कांग्रेस को सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को भी खरी-खरी सुनाई।aaaa
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य के खिलाफ ईडी की शिकायत पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन उसे सरकारी संपत्तियों का दुरुपयोग करने और इसे नेशनल हेराल्ड को देने का अधिकार नहीं है। इस पूरी संपत्ति को परिवार के हाथों में पहुंचाने के लिए बहुत ही दिलचस्प तरीके से साजिश रची गई। ये संपत्तियां दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर एक संपत्ति, मुंबई, लखनऊ, भोपाल और पटना में संपत्तियां हैं।
उन्होंने कहा कि यंग इंडिया लिमिटेड को एक धर्मार्थ संगठन माना जाता था, लेकिन अब तक यह पता नहीं चला है कि इसने क्या दान किया? 50 लाख रुपये में 90 करोड़ रुपये लिखकर हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल कर ली। एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने मामले को खत्म करने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जवाब देना चाहिए कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए या नहीं? नरेंद्र मोदी की सरकार कानून को अपना काम करने देगी। सरदार पटेल ने कहा था कि नेशनल हेराल्ड को पैसे देने वाले लोग अच्छे लोग नहीं हैं। फिर भी एक अखबार जिसे कांग्रेस पार्टी का पूरा संरक्षण प्राप्त था, वह क्यों नहीं पनप सका? क्योंकि यह अखबार केवल विज्ञापन इकट्ठा करने और सरकारी सहयोग से संपत्ति बनाने का साधन था। जिस अखबार से आजादी के लिए लड़ रहे लोगों की आवाज को मजबूत करने की उम्मीद थी, उन्होंने उस अखबार को निजी व्यवसाय, एटीएम बना दिया।
उन्होंने ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाए। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं ममता बनर्जी से कुछ बड़े सवाल पूछना चाहता हूं। पहला अगर महिलाओं को वक्फ बोर्ड, केंद्र और सभी राज्यों में जगह दी जा रही है, तो क्या आपको इससे कोई दिक्कत है? दूसरा अगर पिछड़े मुसलमानों को वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिल रहा है, तो क्या आपको इससे कोई दिक्कत है? तीसरा अगर वक्फ के नाम पर गरीब मुसलमानों की जमीनें अवैध रूप से छीनी जा रही हैं, तो क्या आपको इससे कोई दिक्कत है? ममता बनर्जी इन सवालों का जवाब दें।