नूंह के तिरंगा पार्क पर रविंद्र के पहुंचने पर स्वागत करते लोग
हरियाणा को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेकर जींद जिले के गांव ऐंचडा कला निवासी रविंद्र तोमर पहलवान उर्फ अहंकारी रावण पिछले 7 दिनों से पैदल बग्गी यात्रा कर नूंह जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रहने और दूध दही का खाना खाने का संदेश दे
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5 फरवरी से शुरू हुई यात्रा
नशे के खिलाफ पैदल बग्गी यात्रा लेकर गत 5 फरवरी को गांव ऐंचडा कला से निकले रविंद्र तोमर ऊर्फ अहंकारी रावण अब तक 16 जिले का भ्रमण कर युवाओं को नशा से बचाने का संदेश दे चुके है। रविन्द्र तोमर पहलवान का यह फैसला बड़ा कठिन और सराहनीय है। इसलिए पहलवान के इस संघर्ष को देखते हुए युवा प्रेरणा ले रहे हैं। पहलवान रवींद्र तोमर ने कहा है कि अगर मैं नशा करता तो मैं इस तरह बुग्गी नहीं खिंच सकता था, मैंने तो दूध, दही का खाना खाया है, तभी मैं बुग्गी खींच पा रहा हूं। बुग्गी खींचकर लोगों को यह बताने का प्रयास किया जा रहा कि इतनी ताकत शरीर में केवल दूध दही से आती है ,नशा करने से नहीं।

नूंह के तिरंगा पार्क पर रविंद्र के पहुंचने पर स्वागत करते लोग
करीब 4 क्विंटल की बग्गी
रवींद्र तोमर पहलवान अपने गांव से निकलकर अपने बाप दादाओं की बेल बुग्गी को रंग कराकर, सुंदर बनाकर, अपनी जरूरत की चीजें रखकर गांव से चले थे। बग्गी में करीब 4 क्विंटल वजन है। जिसे वह अकेले खींचते है। शुक्रवार की सुबह वह सामाजिक लोगों के साथ फिरोजपुर झिरका स्थित अंबेडकर चौक पर पहुंचे,जहां उन्होंने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। जिसके बाद वह नूंह के लिए निकल पड़े। करीब 35 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पहलवान नूंह के तिरंगा पार्क पर पहुंच गए। जो शनिवार की सुबह सोहना के लिए रवाना होंगे।

फिरोजपुर झिरका के सामाजिक लोगों ने पहलवान का फूल मालाओं से किया स्वागत
मेवात के लोगों से मिला प्यार
रविंदर तोमर उर्फ अहंकारी रावण ने कहा कि जिस तरह से मेवात को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलत बातें घुसी हुई है,मेवात वैसा बिल्कुल नहीं है। जितना प्यार मेवात के लोगों से मिला है, इतना प्यार कहीं भी नहीं मिला। यहां के लोगों का प्यार देखकर मेरा भी मन मेवात में घर बनाने का कर रहा है। रवींद्र ने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा दूध दही का खाना बग्गी यात्रा को लेकर चल रहा हूं। अगर हमारे देश व प्रदेश के युवा नशा छोड़कर दूध दही का खाना खाएंगे तो न केवल समाज में सुधार होगा,बल्कि यहां के बच्चे आर्मी जैसे अर्धसैनिक बलों में नौकरी कर पाएंगे। नशा नाश की जड़ है, इससे बचना चाहिए। मैं हरियाणा वासियों को खोखला नहीं होने दूंगा और लगातार इस बग्गी की तरफ से संदेश देता रहूंगा। एक दिन ऐसा आयेगा युवा नशा को छोड़ कर अपने खान पान और स्वास्थ्य पर ध्यान देंगे। मेवात के लोगों का प्यार और खिदमत को देखकर रवींद्र तोमर भावुक हो उठा और कहा कि मैं अपना सफर पूरा करने के बाद 15 दिन मेवात में ठहरूंगा और अपने परिवार को मेवात लाकर रहूंगा।
पहलवान के इस कार्य की चारों और प्रशंसा हो रही है। इस समय तोमर नूंह के कांग्रेस नेता हिदायत खान के निवास पर है। तोमर ने कहा कि सुबह करीब 10 बजे नूंह से होते हुए सोहना, गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर, महेंद्रगढ़ होते हुए रोहतक पहुंचेंगे और वहां से 50 किलोमीटर दूर अपने गांव में पहुंचकर थोड़ा दिन इंतजार कर पंजाब के युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए निकलेंगे। कुल मिलाकर इस अनोखी पहल का संदेश युवाओं को अवश्य ही प्रेरित कर रहा है।











