sonipat police disperses former maruti employees protest kharkhoda plant | सोनीपत पुलिस ने मारुति के पूर्व कर्मचारियों को खदेड़ा: प्रदर्शन करने की कोशिश, जबरदस्ती करने पर हिरासत में लिए, बाद में छोड़ा – Sonipat News

सोनीपत में मारुति के प्लांट के बाहर तैनात पुलिस फोर्स

सोनीपत में मारुति कंपनी के खरखौदा प्लांट के खिलाफ रविवार को बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे पूर्व कर्मचारियों को पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को रोका और जबरदस्ती करने की कोशिश करने पर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया,

बता दें कि, हरियाणा के सोनीपत के खरखौदा में मारुति कंपनी का एक नया प्लांट बन रहा है, जहां इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण होना है। इस प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है। इसी बीच, मारुति कंपनी के पूर्व कर्मचारी खुशीराम और दीपक की अगुवाई में एक समिति ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि रविवार को परशुराम पार्क में एकत्र होकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे। हालांकि, इस प्रदर्शन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे कर्मचारी

प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे कर्मचारी

मारुति कंपनी की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई

मारुति कंपनी ने इस प्रदर्शन को लेकर प्रशासन को शिकायत दी थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि कुछ पूर्व कर्मचारी उनकी छवि खराब करना चाहते हैं और वे प्लांट के बाहर पंपलेट बांटकर वर्तमान कर्मचारियों को भड़का रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि ये पूर्व कर्मचारी आसपास के आईटीआई संस्थानों में जाकर भी प्रदर्शन करने की बात कर रहे हैं, जबकि अभी प्लांट का उद्घाटन भी नहीं हुआ है।

कंपनी के बाहर तैनात पुलिस

कंपनी के बाहर तैनात पुलिस

कंपनी प्रबंधन की शिकायत और पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर कि प्रदर्शन की आड़ में उपद्रव हो सकता है, पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया था। पुलिस को जानकारी मिली थी कि ये वही कर्मचारी हैं जिन्हें पहले मानेसर प्लांट से निकाला गया था और वहां भी उन्होंने कंपनी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। अब खरखौदा में नया प्लांट शुरू होने पर वे फिर से सक्रिय हो गए थे। इन आशंकाओं के चलते पुलिस प्रशासन की तरफ से परशुराम पार्क में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

एसीपी जीत सिंह और थाना प्रभारी बीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम परशुराम पार्क में तैनात रही। प्रदर्शन के लिए पहुंचने वाले लोगों को पुलिस स्टेशन भेजा जाता रहा। इस दौरान, जब चार-पांच पूर्व कर्मचारी प्रदर्शन करने पर अड़े रहे, तो पुलिस ने उन्हें समझाया कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना गैरकानूनी है। जब वे नहीं माने, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

जानकारी देते पुलिस अफसर

जानकारी देते पुलिस अफसर

गुरुग्राम जाकर शिकायत करें : एसीपी

एसीपी जीत सिंह बेनीवाल ने इस घटना पर कहा कि खरखौदा में ना कोई विवाद है और ना ही कोई मामला है। अभी प्लांट का उद्घाटन भी नहीं हुआ है। अगर किसी को कोई समस्या है, तो वह गुरुग्राम जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। खरखौदा में बिना मंजूरी किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा और कानून अपना काम करेगा।

उन्होंने कहा कि यहां नया प्लांट लगा है और आगे और भी उद्योग लगने हैं, जिससे स्थानीय बच्चों को रोजगार मिलेगा। पुलिस किसी भी कीमत पर क्षेत्र का माहौल खराब नहीं होने देगी और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।