Chaitra Navratri navami on 6th April 2025, ram navami significance in hindi, ram darbar puja vidhi in hindi, ram hanuman puja | रविवार को चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन: रामनवमी पर देवी दुर्गा और भगवान शिव के साथ राम दरबार की भी करें पूजा, छोटी कन्याओं को खिलाएं खाना

39 मिनट पहले

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रविवार, 6 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन यानी रामनवमी है। इस दिन देवी दुर्गा के साथ ही राम दरबार की भी पूजा जरूर करें। राम दरबार में भगवान राम के साथ ही देवी सीता, लक्ष्मण, हनुमान, भरत और शत्रुघ्न की प्रतिमाएं रहती हैं। रामनवमी पर रामायण का पाठ भी करना चाहिए और रामायण की सीख को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर देवी दुर्गा और भगवान शिव की विधिवत पूजा करनी चाहिए।

शिवलिंग और देवी प्रतिमा पर जल, दूध, पंचामृत और फिर शुद्ध जल अर्पित करें। शिवलिंग पर बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल, जनेऊ चढ़ाएं।

देवी मां को लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, कुमकुम आदि पूजन सामग्री भेंट करें। दोनों देवी-देवता को चंदन, हार-फूल, चावल, भोग के लिए मिठाई चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। पूजा में ऊँ नम: शिवाय और दुं दुर्गायै नम: मंत्र का जप करें।

चैत्र नवरात्रि की नवमी पर छोटी कन्याओं की पूजा करें और भोजन कराएं। कन्याओं को दक्षिणा दें और पढ़ाई से जुड़ी चीजें जैसे पेन, कॉपी, बेग, स्कूल ड्रेस का दान करें।

किसी मंदिर में जरूरतमंद लोगों को छाता, जूते-चप्पल का दान करें। अभी गर्मी के दिन हैं तो सार्वजनिक जगह पर प्याऊ लगवाएं या किसी प्याऊ में मटके का दान करें। घर की छत पर पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें।

ऐसे कर सकते हैं राम दरबार की पूजा

  • त्रेतायुग में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि (रामनवमी) पर ही भगवान विष्णु ने राजा दशरथ के यहां राम अवतार लिया था।
  • इस वजह से इस तिथि पर राम जी का प्रकट उत्सव मनाया जाता है। रामनवमी पर राम दरबार यानी राम जी के साथ ही देवी सीता, लक्ष्मण, हनुमान, भरत-शत्रुघ्न की भी विशेष पूजा करनी चाहिए।
  • राम दरबार का जल, दूध, पंचामृत और फिर जल से अभिषेक करें। हार-फूल चढ़ाएं। वस्त्रों से श्रृंगार करें। धूप-दीप जलाएं। पूजन सामग्री चढ़ाएं। मौसमी फल, नारियल अर्पित करें। मिठाई का भोग लगाएं। पूजा में राम नाम का जप करें।
  • रामनवमी पर रामकथा पढ़नी-सुननी चाहिए। राम जी के किस्से पढ़ सकते हैं, इन किस्सों से सीख लें और उसे अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। इन बातों का ध्यान रखेंगे तो जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और मुश्किल समय में भी धैर्य, सकारात्मकता बनी रहेगी।

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