![]()
भूना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले में राजकीय स्कूलों को पीएमश्री स्कूल में बदलने के सातवें चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से जिले के 23 स्कूलों को पीएमश्री स्कूल में बदलने के लिए चयनित किया गया था। अब तीन सदस्यीय कमेटी न
।
कमेटी में इनको किया गया शामिल जिला शिक्षा विभाग की ओर से भट्टू खंड के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बलवान सिंह, पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल लांबा के प्रिंसिपल उग्रसेन और पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रत्ताखेड़ा के प्रिंसिपल राकेश मखीजा को तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल किया गया है। विशेष बात यह है कि वैसे तो एक ब्लॉक से एक स्कूल को पीएमश्री का दर्जा मिलना है। मगर कमेटी की सिफारिश पर एक ब्लॉक से दो भी बनाए जा सकते हैं।
इस तरह किया गया था चयन मॉडल संस्कृति स्कूल भूना के प्रिंसिपल नरेश शर्मा ने बताया कि जिले के 6 मॉडल संस्कृति स्कूलों सहित 23 स्कूलों को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने यू-डाइस के डेटा के आधार पर चयनित किया था। मंत्रालय ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रेनिंग, लैब, स्टाफ की उपलब्धता, बच्चों की संख्या के आधार पर इन स्कूलों का चयन किया था।
इसके बाद इन स्कूलों के मुखियाओं को निर्धारित प्रफोर्मा भरकर अपने स्कूल को नंबर देने के लिए कहा गया। स्कूल मुखियाओं द्वारा दिए गए नंबरों के आधार पर यह तीन सदस्यीय कमेटी निरीक्षण के दौरान क्रॉस चेकिंग करेगी।
जानिए… पीएमश्री स्कूल बनने के फायदे
1। पीएमश्री स्कूल अपने क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली, समावेशी और मजेदार शिक्षा प्रदान करने में नेतृत्व करते हैं, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा और विकास का अवसर मिलता है।
2. इनमें बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए आधुनिक शिक्षण विधियों और तकनीकों का उपयोग होता हैं।
3. ये स्कूल बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
4. इनमें बच्चों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद मिलती हैं, ताकि वे भविष्य में देश के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।
5. ये स्कूल कल्चर ऑफ इनोवेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देते हैं।











