समाधान शिविर में ऑनलाइन जुड़े मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑन लाइन माध्यम से वीरवार को समाधान शिविरों से सीधे रूप से जुड़े। जिलाधिकारियों के साथ-साथ फरियादियों से भी बात की और शिकायतों को जाना। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं के समाधान की समीक्षा की। निर्देश दिए कि समाधान शिविर म
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समाधान शिविर के दौरान शिकायतों की सुनवाई करते हुए भिवानी के डीसी महावीर कौशिक
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से कई दिनों से लंबित शिकायतों का समाधान ना होने के कारण भी जाने। यह भी जाना कि फिलहाल किस-किस तरह की शिकायतें समाधान शिविरों में आ रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का अति शीघ्र समाधान किया जाए। अधिकारी अपनी जिम्मेवारी समझें और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लें। नागरिकों को समाधान शिविरों की जानकारी भी होनी चाहिए कि अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याएं सुनकर उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है।
विभागाध्यक्ष अपने नीचे रखें नोडल अधिकारी वहीं डीसी महावीर कौशिक ने समाधान शिविर में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविर के लिए अपनी अधीनस्थ एक और अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें। उसको अपने विभाग से संबंधित समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की जानकारी होनी चाहिए। अधिकारी को समाधान शिविर में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि उनके विभाग से संबंधित कितनी समस्याएं आ चुकी हैं। कितनी समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, ताकि समीक्षा के दौरान उसके पास सही जवाब हो।

समाधान शिविर में ऑनलाइन जुड़े मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट लेकर स्वयं आएं उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को सभी विभागाध्यक्ष रिपोर्ट के साथ समाधान शिविर में स्वयं आएंगे। समाधान शिविर में महज खानापूर्ति ना हो। शिकायतों का तुरंत समाधान कर एटीआर पोर्टल पर अपलोड करें। समाधान के साथ-साथ नागरिकों की संतुष्टि भी जरूरी है। डीसी ने विशेषकर जन स्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नागरिकों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान करें।












