जींद रेलवे जंक्शन का निरीक्षण करते डीआरएम पुष्पेंद्र
उत्तर रेलवे के DRM (डिवीजनल रेलवे मैनेजर) ने सोमवार को जींद रेलवे जंक्शन की बिल्डिंग व यहां बन रहे हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीआरएम पुष्पेंद्र ने क
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इसके बाद मुख्यालय से अप्रूवल के बाद हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने की संभावना है। डीआरएम ने हाइड्रोजन प्लांट में पानी के उचित प्रबंध को लेकर निर्देश दिए। शाम पांच बजे डीआरएम पुष्पेंद्र त्रिपाठी जींद रेलवे जंक्शन पर पहुंचे। यहां चल रहे बिल्डिंग निर्माण का जायजा लिया।

जींद रेलवे जंक्शन का निरीक्षण करते DRM पुष्पेंद्र।
मई में होगा प्लांट का काम पूरा
बिल्डिंग के निरीक्षण के बाद डीआरएम सीधे हाइड्रोजन प्लांट की साइट पर पहुंचे और यहां संबंधित एजेंसी के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि कब तक हाइड्रोजन प्लांट चलाने की स्थिति में आ जाएगा तो बताया गया कि मई में इसका काम पूरा हो जाएगा।
इसके बाद जून में मुख्यालय से अप्रूवल के बाद ट्रायल हो जाएगा और उसके बाद हाइड्रोजन से ट्रेन संचालित हो सकेगी। इससे पहले उन्होंने नरवाना रेलवे जंक्शन का भी निरीक्षण किया। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन जींद शाखा ने डीआरएम को र्मचारियों की समस्या से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करते रेलवे के अधिकारी।
इसमें मांग की गई कि रेलवे जंक्शन पर लोको पायलट और ट्रेनिंग मैनेजर को ट्रेनों के के नीचे से निकलकर रनिंग रूम जाना पड़ता है, जिससे सदैव जान का खतरा बना रहता है। प्लेटफार्म नंबर एक से रनिंग रूम तक फूट और ब्रिज बनवाया जाए। सफाई व्यवस्था को लेकर टेंडर जारी किए जाएं।












