गुरुग्राम के थाने में फीडबैक के लिए पुलिस कमिश्नर ने क्यूआर कोड लगाया।
मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के सभी थानों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करके लोग अपनी शिकायतों का फीडबैक दे सकेंगे। अगर थानेदार शिकायत दर्ज करने में देरी कर रहा हो या फिर केस में पुलिस की तरफ से सहयोग नहीं किया जा रहा हो तो अब आप थाने में लगे
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गुरुग्राम के सदर थाने में पुलिस कमिश्नर ने क्यूआर कोड सिस्टम का शुभारंभ किया।
इसके लिए जिले के सभी थानों में क्यूआर कोड लगाया जा रहा है, इसकी शुरुआत सदर थाना से की गई है। सदर थाने में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने क्यूआर कोड लॉन्च किया। इस अनूठी पहल के तहत थाने में आने वाले विजिटर्स पुलिस के कार्यों की रेटिंग व अपने सुझाव डिजिटल रूप से सांझा कर सकेंगे।
सभी थानों में लगाने का काम शुरू
पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने कहा कि पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गुरुग्राम के सभी पुलिस थानों में क्यूआर कोड लगाए जाएगें। थाने में पुलिस सहायता के लिए आने वाले विजिटर्स, पीड़ित, शिकायतकर्ता इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना फीडबैक दे सकेंगे। यह क्यूआर कोड पुलिस फीडबैक सिस्टम के लिए तैयार किया गया है। बहुत ही साधारण तरीके से इस फार्म को तैयार किया गया है। ताकि किसी को परेशानी नहीं हो।

गुरुग्राम के सदर थाने में अधिकारियों से क्यूआर कोड के बारे में चर्चा करते सीपी।
ये है उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार करना और शिकायतकर्ताओं की बातों को जल्द से जल्द सुनना है। इस फीडबैक सिस्टम के जरिए लोगों को यह बताने का मौका मिलेगा कि उनकी शिकायतों की सुनवाई कितनी जल्दी हुई और थाने के अधिकारी ने किस प्रकार का व्यवहार किया।
लापरवाही पर कार्रवाई
पुलिस द्वारा शुरू की गई क्यूआर कोड प्रणाली और डिजिटलाइजेशन के प्रयास से पुलिस और जनता के बीच विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फीडबैक सिस्टम के माध्यम से जनता की शिकायतों का समय पर समाधान और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। जिन थानों का फीडबैक खराब मिलेगा, उसे सुधारने की कोशिश की जाएगी। बार-बार लापरवाही बरतने वाले थानेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फीडबैक फॉर्म में ये जानकारी भरनी होगी
क्यूआर कोड स्कैन करते ही एक फॉर्म खुलेगा। फॉर्म में जानकारी भरने में महज 2 मिनट लगेगा। फीडबैक सिस्टम स्कैन करने में कोई पैसा नहीं लगेगा। क्यूआर कोड के जरिए विजिटर्स से थाने में आने का कारण, अनुभव कैसा रहा, संतरी से लेकर थानेदार ने कैसा व्यवहार किया, शिकायत सुनने में कितना वक्त लगा, कितनी बार आने के बाद काम हुआ, शिकायतें या सुझाव,नाम और मोबाइल नंबर, थाने में साफ सफाई, स्टाफ ने मदद की या नहीं आदि की जानकारी दे सकेंगे।
फीडबैक गलत तो होगी कार्रवाई
शिकायतकर्ताओं द्वारा दी गई प्रतिक्रिया और फीडबैक के बाद सभी थानों की कार्यवाही, व्यवहार का आकलन किया जाएगा तथा उसके आधार पर पुलिस आयुक्त द्वारा निर्देश देकर पुलिस कार्यशैली में सुधार कराया जाएगा। इसका मकसद पुलिस कार्यशैली की कमियों में सुधार करके प्रभावी सिस्टम तैयार करना है।












