तेलंगाना में एसएलबीसी सुरंग हादसे में फंसे उत्तर प्रदेश के इंजीनियर मनोज कुमार का शव 31 दिन बाद रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया। बुधवार को मनोज का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। तलाशी अभियान में अब तक बरामद शवों की कुल संख्या दो हो गई है, जबकि छह कर्मचारी अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। सभी किस हालत में हैं, इसका कोई अता-पता नहीं है। रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चलाकर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही थी।
पैतृक गांव पहुंचा शव
बुधवार को मनोज का शव जैसे ही पैतृक गांव पहुंचा वृद्ध मां जमुना देवी, पत्नी स्वर्णलता, भाई अरविंद द्विवेदी, बेटा आदर्श, बेटी अनन्या समेत अन्य स्वजन बेहाल हो गए। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंच रहे हैं। बता दें कि तेलंगाना के नागर कुरनूल में 22 फरवरी को सुरंग धंसने से उन्नाव के बेहटामुजावर क्षेत्र के गांव मटुकरी निवासी इंजीनियर मनोज कुमार(50) समेत आठ लोग फंस गए थे। मनोज के अलावा फंसे हुए लोगों की पहचान मनोज कुमार (यूपी), श्री निवास (यूपी), सनी सिंह (जम्मू-कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब) और संदीप साहू, जेगता जेस, संतोष साहू और अनुज साहू के रूप में हुई है। ये सभी झारखंड के रहने वाले हैं।
बता दें कि इससे पहले 9 मार्च को सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों में से एक गुरप्रीत सिंह का शव बरामद किया गया था। बीते दिनों तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने की घोषणा की थी।
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एनडीआरएफ और सेना बचाव अभियान में जुटी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना, नौसेना तथा अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ बचाव अभियान में लगातार प्रयासरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य में सहायता के लिए मानव अवशेष खोजी कुत्तों (एचआरडीडी) को भी तैनात किया गया है।
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