मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें यमुना की सफाई, महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा विकास सहित 10 क्षेत्रों पर जोर देते हुए राष्ट्रीय राजधानी को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने का खाका पेश किया गया। मुख्यमंत्री ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। यह पिछले वित्त वर्ष के बजट से 31.5 प्रतिशत ज्यादा है। बजट में छात्रों को लैपटॉप और अटल कैंटीन से गरीबों को 5 रुपये में खाना देने का भी प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री का भी कार्यभार संभाल रहीं सीएम ने 138 मिनट के बजट भाषण में कहा कि भ्रष्टाचार और अक्षमता का दौर अब समाप्त हो गया है। भाजपा नीत सरकार ने दिल्ली में 26 वर्ष के बाद बजट प्रस्तुत किया है। बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में पूंजीगत व्यय को दोगुना करके 28,000 करोड़ रुपये कर दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट परिव्यय पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 31.5 प्रतिशत अधिक है।
साबरमती की तर्ज पर होगा यमुना का विकास, 1500 करोड़ की योजना पेश
दिल्ली में यमुना का विकास अहमदाबाद में साबरमती रिवर-फ्रंट की तर्ज पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यमुना की सफाई और पुनरुद्धार, उसमें नालों के गंदे पानी को गिरने से रोकने और नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने समेत एक व्यापक योजना पेश की है और इसके लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही जल और सीवेज के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के लिए केंद्र से 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग की है। इस योजना में 500 करोड़ रुपये की लागत से 40 विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) का निर्माण शामिल है। ये संयंत्र प्रमुख नालों में जाने से पहले ही स्रोत पर गंदे पानी का उपचार करेंगे, जिससे नदी में प्रदूषण का स्तर कम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, यमुना सिर्फ एक नदी नहीं है, यह हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत है। यमुना की सफाई हमारे घोषणापत्र का अहम हिस्सा है और इस बजट में भी यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत और विकास के लिए 500 करोड़ रुपये, पुरानी सीवर लाइनों को बदलने के लिए 250 करोड़ रुपये और शहर भर में जल उपचार संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) में सुधार के लिए 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।
अब महिलाओं के खाते में आएंगे 2500 रुपये
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की सबसे चर्चित योजना महिला समृद्धि योजना को बजट में जगह मिली है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 5,100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मसम्मान बढ़ाने के लिए लिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बजट में महिलाओं को कई सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ऐसे में इस योजना के तहत कुल लाभ राशि बढ़कर 21,000 रुपये हो जाएगी। साथ ही, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 6 पोषण किट मिलेंगी।
पिंक टिकट की जगह कार्ड बनेंगे
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महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार पिंक टिकट की जगह कार्ड जारी करेगी। इसके अतिरिक्त, सरकार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे शहर में 50,000 सीसीटीवी कैमरे लगाएगी।
राजधानी बनेगी ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर हब
राष्ट्रीय राजधानी को ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में तेजी से काम होगा। इसके लिए सरकार ढांचागत विकास की परियोजनाओं पर जोरो से काम करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह बजट दिल्ली को ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसमें बुनियादी ढांचे का विकास, प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छता और जल आपूर्ति के साथ-साथ ट्रैफिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। विशेष रूप से कुछ ऐसी परियोजनाएं हैं जो पिछले कुछ वर्षों से ठंडे बस्ते में थीं। अब इस बजट के माध्यम से गति प्राप्त करेंगी।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट :
दिल्ली में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया जाएगा, जो हर दो साल में आयोजित किया जाएगा। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मधुमक्खी पालन सहित कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
60 नए सीएम श्री स्कूल खुलेंगे
सरकार ने बजट में शिक्षा के लिए 19,291 करोड़ का प्रावधान किया है। यह कुल बजट का सर्वाधिक 19.29 फीसदी है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले करीब दो फीसदी कम है। सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगामी सत्र 2025-26 से 60 नए सीएम श्री स्कूल खोलेगी। यह स्कूल पीएम श्री स्कूल की तर्ज पर ही खोले जाएंगे। इनमें नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 लागू किया जाएगा। इन्हें खोलने के लिए 100 करोड़ रुपये की बजट राशि रखी गई है।
छात्राें को मिलेंगे लैपटॉप
सरकार 1200 छात्रों को नि:शुल्क लैपटॉप देगी। दसवीं के परिणाम के आधार पर 11वीं में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों को दिया जाएगा। इसके लिए 7.5 करोड़ की राशि रखी गई है।
आयुष्मान योजना लागू होगी
आयुष्मान योजना के तहत विभिन्न योजनाओं को लागू करने के लिए 477.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिल्ली में 400 स्वास्थ्य और वेलनेस सेंटर/आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना होगी। इनकी मदद से दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। ये दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की जगह लेंगे।
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अटल कैंटीन से 100 जगहों पर 5 रुपये में मिलेगा भोजन
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 100 जगहों पर अटल कैंटीन योजना के माध्यम से पांच रुपये में गर्म और ताजा भोजन मिलेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति में सुधार लाने के लिए अटल कैंटीन योजना लाई गई है। भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में अटल कैंटीन योजना शुरू करने का वादा किया था। इस योजना का मकसद हर एक झुग्गी बस्ती में अटल कैंटीन बनाना है।
दिल्ली में किसे कितना मिला बजट
क्षेत्र बजट फीसदी
- शिक्षा क्षेत्र 19,291 करोड़ रुपये (19.29%)
- स्वास्थ्य क्षेत्र 12,893 करोड़ रुपये (12.89%)
- सड़क और पुलों सहित परिवहन क्षेत्र 12,952 करोड़ रुपये (12.95%)
- आवास और शहरी विकास क्षेत्र 10,694 करोड़ रुपये (10.69%)
- जल आपूर्ति और स्वच्छता क्षेत्र 9,000 करोड़ रुपये (9.00%)
- समाज कल्याण और सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र 10,597 करोड़ रुपये (10.59%)
- बिजली क्षेत्र 3843 करोड़ रुपये (3.84%)
- कृषि, ग्रामीण विकास और आईएंडएफसी 1758 करोड़ रुपये (1.76%)
- ऋण की अदायगी 4,642 करोड़ रुपये (4.64%)
- ब्याज भुगतान 2,246 करोड़ रुपये (2.25%)











