03 जनवरी, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: नया साल 2026 शुरू हो चुका है और इसके साथ ही देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें भी फिर से जाग उठी हैं। हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत बढ़ी हुई सैलरी बैंक खाते में कब आएगी। महंगाई के मौजूदा दौर में कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर बढ़ने और वेतन में सम्मानजनक इजाफे की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि इस राहत के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
कागजों में तारीख, हकीकत में देरी
ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल के मुताबिक, नियमों के अनुसार आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से देय (Due) माना जाता है। यानी तकनीकी तौर पर इसी तारीख से नई सैलरी लागू होनी चाहिए। लेकिन सरकारी प्रक्रिया इतनी सरल नहीं होती।
वेतन आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 18 महीने का समय लगता है। इसके बाद सिफारिशों पर विचार, विभागीय मंथन और कैबिनेट की मंजूरी में करीब 6 महीने और लग जाते हैं। इस पूरे प्रोसेस को देखें तो लगभग दो साल का वक्त निकल जाता है। इस हिसाब से कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी जनवरी 2028 के आसपास मिलने की संभावना बनती है।
2027 में बदल सकता है गेम?
हालांकि, कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि सरकार इतनी देरी नहीं करेगी। डॉ. मंजीत पटेल का मानना है कि राजनीतिक परिस्थितियां टाइमलाइन को बदल सकती हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार 1 जुलाई 2027 से बढ़ी हुई सैलरी लागू करने का ऐलान कर सकती है।
इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव माना जा रहा है, जो 2027 की शुरुआत में संभावित हैं। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि सरकार चुनावी साल में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहेगी और इसलिए प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है।
गजट नोटिफिकेशन से साफ हुई तस्वीर
गौरतलब है कि सरकार ने 15 जनवरी 2025 को वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी, लेकिन औपचारिक गजट नोटिफिकेशन 28 अक्टूबर 2025 को जारी हुआ। इसमें साफ तौर पर लिखा है कि आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिलेगा। अक्टूबर 2025 से 18 महीने जोड़ें तो टाइमलाइन सीधे जुलाई 2027 तक पहुंचती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली चुनाव, बिहार चुनाव और यूपी चुनाव के बीच वेतन आयोग की टाइमिंग कोई संयोग नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल मौजूदा हालात को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई सैलरी के लिए 2027 के मध्य से लेकर 2028 की शुरुआत तक इंतजार करना पड़ सकता है। नए साल में उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन राहत मिलने में अभी वक्त लगेगा।













