18 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: Maharashtra सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5% आरक्षण से जुड़ा पुराना निर्णय रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के इस फैसले के बाद अब कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में इस कोटे के तहत प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही, इस आधार पर नए जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाएंगे तथा पहले जारी सभी संबंधित आदेश प्रभावहीन माने जाएंगे।
सरकार के इस कदम पर All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Imtiaz Jaleel ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने मुसलमानों को “रमजान का तोहफा” दिया है। उन्होंने कहा कि जब अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि मुस्लिम समुदाय में पढ़ाई छोड़ने की दर अधिक है, तब भी सरकार ने 5% आरक्षण समाप्त कर दिया। जलील ने युवाओं से शिक्षा जारी रखने की अपील करते हुए लिखा, “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया।”
2014 के अध्यादेश का क्या था आधार?
साल 2014 में राज्य सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समुदाय को विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5% आरक्षण देने का फैसला किया था। इसी आधार पर जाति प्रमाणपत्र और वैधता प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे थे।
हालांकि, इस अध्यादेश को Bombay High Court में चुनौती दी गई और 14 नवंबर 2014 को अदालत ने इस पर रोक लगा दी। बाद में 23 दिसंबर 2014 तक यह अध्यादेश कानून का रूप नहीं ले सका, जिसके कारण यह स्वतः निरस्त हो गया। अब राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उस अध्यादेश के आधार पर जारी सभी शासन निर्णय और परिपत्र भी रद्द माने जाएंगे।
आगे बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
सरकार के इस निर्णय के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। माना जा रहा है कि AIMIM और अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
इससे पहले भी सरकार ने 75 अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को दिए गए दर्जे पर रोक लगाई थी। उस समय अल्पसंख्यक विकास विभाग का प्रभार पहले Ajit Pawar के पास था, जिसके बाद विभाग की जिम्मेदारी Sunetra Pawar को सौंपी गई थी।
सरकार के ताजा फैसले से मुस्लिम समुदाय के छात्रों के सामने प्रवेश और शैक्षणिक अवसरों को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, जबकि राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे के और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है।











