5 घंटे 27 मिनट लंबी तेलुगु फिल्म ‘बाहुबली: द एपिक’ से भी बड़ी, जानें बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा प्रदर्शन

29 अगस्त 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Bollywood Desk: 10 घंटे लंबी ‘दान वीर सूर कर्ण’ से भी छोटी है ‘बाहुबली: द एपिक’, जानें बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा हाल                                                                                                                  तेलुगु सिनेमा अपनी भव्य फिल्मों के लिए जाना जाता है। एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ सीरीज़ ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। अब इसके प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर है कि फिल्म के दोनों हिस्सों को जोड़कर एक नई फिल्म ‘बाहुबली: द एपिक’ के रूप में पेश किया जा रहा है। यह फिल्म 31 अक्टूबर, 2025 को रिलीज होगी और इसका रनटाइम होगा 5 घंटे 37 मिनट। हाल ही में फिल्म का टीज़र लॉन्च हुआ, जिसने फैंस के बीच उत्साह और बढ़ा दिया है।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि तेलुगु सिनेमा में इससे भी कहीं लंबी फिल्म बनी थी, जिसका रनटाइम करीब 10 घंटे का था?

1977 की महाकाव्य फिल्म – दान वीर सूर कर्ण

हम बात कर रहे हैं एन.टी. रामा राव की फिल्म ‘दान वीर सूर कर्ण’ की, जो साल 1977 में रिलीज हुई थी।

यह फिल्म 9 घंटे 53 मिनट लंबी थी, जो इसे भारतीय सिनेमा की छठीं सबसे लंबी फिल्म बनाती है।

एनटीआर ने इसमें तीन अहम किरदार—कर्ण, दुर्योधन और कृष्ण—निभाए थे।

खास बात यह है कि उन्होंने न सिर्फ अभिनय किया, बल्कि फिल्म को लिखा और निर्देशित भी किया।

बजट और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म का बजट था 10 लाख रुपये।

1977 में रिलीज़ के समय इसने करीब 1.5 करोड़ रुपये की कमाई की।

बाद में इसे 1994 में दोबारा रिलीज किया गया, जहाँ इसने लगभग 1 करोड़ रुपये का बिज़नेस किया।

इसके अलावा, री-रिलीज़ के दौरान फिल्म के अधिकार (राइट्स) 60 लाख रुपये में बिके।

इस तरह फिल्म की कुल कमाई लगभग 2.5 करोड़ रुपये रही।

नतीजा
जहाँ ‘बाहुबली: द एपिक’ 5 घंटे से ज्यादा लंबी फिल्म बनकर आने वाली है, वहीं लगभग 48 साल पहले बनी ‘दान वीर सूर कर्ण’ का रनटाइम उससे लगभग दोगुना था। यह फिल्म आज भी तेलुगु सिनेमा के इतिहास का एक अद्वितीय उदाहरण मानी जाती है।