हार्ट अटैक के 5 सबसे बड़े कारण – क्या आप सुरक्षित हैं?

हार्ट अटैक के 5 सबसे बड़े कारण – क्या आप सुरक्षित हैं?

08 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk: हृदय रोगों के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ये सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे। कम उम्र के लोग भी इनकी चपेट में आने लगे हैं। हाल के वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से मौत की कई खबरें सामने आई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, देश में हृदय रोग गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। फास्ट फूड, जंक फूड, अधिक तेल, नमक और चीनी वाले आहार हृदय के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनके सेवन से हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों का जोखिम बढ़ जाता है।

हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि गड़बड़ लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान हृदय स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। हार्ट अटैक के लिए आमतौर पर पांच प्रमुख कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। पहला, असंतुलित जीवनशैली और खराब खान-पान। लगातार फास्ट फूड और तेल, नमक, चीनी से भरपूर आहार लेने से खून में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, जिससे धमनियों में प्लाक जमने लगता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

दूसरा, हाई ब्लड प्रेशर। लगातार उच्च रक्तचाप धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। तीसरा, धूम्रपान और शराब का सेवन। सिगरेट, तंबाकू और शराब हृदय के लिए सबसे बड़े दुश्मन हैं। धूम्रपान से रक्त में ऑक्सीजन की कमी होती है और कार्बन मोनोऑक्साइड हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जबकि शराब ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है।

चौथा, शारीरिक निष्क्रियता और मोटापा। सेडेंटरी लाइफस्टाइल और व्यायाम की कमी से ब्लड सर्कुलेशन, मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित होती है, जिससे मोटापा, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। जिन लोगों का बीएमआई 30 से अधिक होता है, उनमें हृदय रोग का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में 70% अधिक होता है।

पाँचवा, तनाव और नींद की कमी। लगातार तनाव शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हृदय गति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नींद की कमी भी ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल को असंतुलित करती है। जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जो लोग रोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा 20-25% अधिक पाया गया।

यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि लोग अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और आवश्यक बचाव कदम उठा सकें।